Somvati Amavasya Second Date: हिंदू पंचांग के अनुसार, आज 15 जून को सोमवती अमावस्या है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने का विधान है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु व्रत रखती हैं। ये दिन पितरों की शांति, पितृदोष से मुक्ति दिलाता है। लेकिन क्या आप जानते है कि इस साल दो बार सोमवती अमावस्या पड़ रही बै। पहली सोमवती अमावस्या आज है। तो चलिए दूसरी सोमवती अमावस्या के दिन मनाई जाएगी, इसके बारे में जानते हैं।
दूसरी सोमवती अमावस्या कब?
अमावस्या तिथि की शुरुआत: 8 नवंबर 2026, सुबह लगभग 11:27 बजे
अमावस्या तिथि का समापन: 9 नवंबर 2026, दोपहर लगभग 12:31 बजे
व्रत और पूजा का दिन: 9 नवंबर 2026 (सोमवार)
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सोमवती अमावस्या का महत्व
सोमवती अमावस्या पर पीपल वृक्ष की पूजा, 108 परिक्रमा, भंवरी, पितृ तर्पण, स्नान-दान और दीपदान का विशेष महत्व है। शादी-शुदा महिलाएं पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए व्रत रखती हैं। इस दिन शाम के समय पीपल पेड़ के नीचे घी का दीपक जलाना शुभ होता है। इससे अंधकार दूर होता है। साथ ही, नकारात्मक ऊर्जा का नाश होता है। सकारात्मक विचार मन को शांति देते है और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।
पीपल की 108 बार परिक्रमा जरूरी
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सोमवती अमावस्या के दिन पीपल के पेड़ की 108 बार परिक्रमा करने का विशेष महत्व है। पीपल को त्रिदेव (पेड़ की जडों में भगवान ब्रह्मा, तने में भगवान विष्णु और उसके ऊपरी भाग में भगवान शिव) का निवास स्थान माना जाता है। इससे पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और पितृ दोष दूर होता है।