India Slams Pakistan: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान को जमकर धोया। दरअसल, अफगानिस्तान के हालात पर चर्चा करते हुए भारत ने पाकिस्तान को निशाने पर लिया और उसे पाखंड का सबसे बड़ा उदाहरण बताया। भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी हरीश ने अफगानिस्तान में पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक्स को नरसंहार करार दिया। उन्होंने कहा कि नागरिकों को मारना, उन्हें अपाहिज बनाना और अनाथ करना कोई आतंकवाद-रोधी अभियान नहीं है। बल्कि ये अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का उल्लंघन करना है।
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भारत ने पाकिस्तान को घेरा
बता दें, हाल ही में पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में घुसकर हमले किए, कई कई लोग मारे गए। वहीं, अब इस मामले ने UNSC में अफगानिस्तान की स्थिति” और सशस्त्र संघर्ष में नागरिकों की सुरक्षा पर एक नई बहस छेड़ दी। इस दौरान भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान की दोहरी नीति को पूरी तरह बेनकाब कर दिया। भारत का कहना है कि पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की झूठी लड़ाई लड़ रहा है और आम नागरिकों को मौत के घाट उतार रहा है।
UNSC में भारत के प्रतिनिधि पी हरीश ने कहा कि नरसंहार करने वाला उसे सैन्य कार्रवाई का नाम दे दे। लेकिन यह पाखंड का सबसे बड़ा उदाहरण पेश करता है। उन्होंने UNAMA (United Nations Assistance Mission in Afghanistan) के आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि 2026 के पहले तीन महीनों में पाकिस्तानी हमलों में 372 आम नागरिक मारे गए, जबकि 397 लोग बुरी तरह घायल हुए। हैरानी की बात यह है कि ज्यादातर मौतें रमजान के पवित्र महीने में हुई।
अफगानिस्तान के लिए भारत का योगदान
भारत ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि वह अफगानिस्तान को लैंडलॉक देश होने का फायदा उठाते हुए व्यापार और ट्रांजिट रूट बंद कर अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों का उल्लंघन कर रहा है। पाकिस्तान की आलोचना के साथ भारत ने अफगानिस्तान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को एक बार दोहराया। राजदूत हरीश आगे बताते है कि भारत 2021 से अब तक 50 हजार टन गेहूं, 420 टन दवाएं और वैक्सीन, 40 हजार लीटर कीटनाशक वहां भेज जा चुके हैं।
इसके अलावा पूरे अफगानिस्तान में भारत की करीब 500 से ज्यादा विकास परियोजनाएं चल रही हैं। साथ ही, अफगान बच्चों के लिए हृदय रोग का इलाज, कैंसर और ट्रॉमा सेंटर बनाने के काम भी जारी हैं। भारत ने UNSC से अपील की है कि अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का सही तरह से पालन हो और आतंकवाद के खिलाफ सामूहिक कार्रवाई हो।