US-Iran Deal: मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच शांति बातचीत का पीएम मोदी ने स्वागत किया। साथ ही उन्होंने क्षेत्र में शांति और स्थिरता को जल्द बहाल करने और समुद्री आवाजाही की आज़ादी सुनिश्चित करने पर ज़ोर दिया। प्रधानमंत्री ने बताया कि इस टकराव की वजह से कई देशों में गंभीर आर्थिक संकट पैदा हुआ और लोगों की जान भी गई।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया एक्स पर पोस्ट को साझा करते हुए लिखा कि नई दिल्ली एक टिकाऊ और अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए बाकी मुद्दों पर बातचीत की उम्मीद करती है। उन्होंने कहा कि, "मैं पश्चिम एशिया में टकराव को खत्म करने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच बनी सहमति का स्वागत करता हूं। इस टकराव के कारण दुनिया भर में गंभीर आर्थिक संकट पैदा हुआ और कई देशों में लोगों की जान गई।
पीएम मोदी ने लिखा कि भारत को उम्मीद है कि इस समझौते को लागू करने से इलाके में शांति और स्थिरता बहाल करने में मदद मिलेगी और नेविगेशन व व्यापार की आज़ादी सुनिश्चित होगी। हम उम्मीद करते हैं कि बाकी मुद्दों पर बातचीत से एक टिकाऊ और अंतिम समझौता हो सकेगा। आपको बता दें कि रविवार को वॉशिंगटन और तेहरान के बीच एक बड़ी कूटनीतिक कामयाबी की घोषणा की गई। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि इस समझौते से पश्चिम एशिया में "शांति और सुरक्षा" आएगी और ऊर्जा के लिए अहम 'स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़' को फिर से खोलने में आसानी होगी। इस घोषणा के बाद, ईरान के कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप-विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने शांति समझौते की पुष्टि की और बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए तेहरान की शर्तें बताईं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने 'ट्रुथ सोशल' प्लेटफॉर्म पर घोषणा की, "इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान के साथ डील अब पूरी हो गई है। दुनिया भर के जहाज़ों, अपने इंजन चालू करो। तेल का प्रवाह शुरू होने दो। ईरान के सरकारी प्रेस टीवी के अनुसार, ग़रीबाबादी ने कहा कि आधिकारिक हस्ताक्षर समारोह शुक्रवार को होगा, जिसके बाद मेमोरैंडम ऑफ़ अंडरस्टैंडिंग (समझौता ज्ञापन) का टेक्स्ट सार्वजनिक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ईरान अंतिम समझौते के लिए प्रस्तावित 60 दिनों की बातचीत की प्रक्रिया में तभी शामिल होगा, जब यह पुष्टि हो जाएगी कि अमेरिका ने दुश्मनी खत्म करने, नाकेबंदी हटाने और ईरानी संपत्ति को जारी करने से जुड़े वादे पूरे कर लिए हैं।