गर्भावस्था के दौरान दवाइयाँ खाना कितना सही, कितना गलत? जरूर लें डॉक्टर की सलाह

Medicines During Pregnancy: आमतौर पर जब भी हम बीमार होते है तो डॉक्टर से चेकअप करा कर दवाई खाते है। मामूली सर्दी-जुखाम के लिए भी हम डॉक्टर की ही सलाह लेते है। लेकिन गर्भावस्था के दौरान डॉक्टर आमतौर पर गर्भवती महिलाओं को किसी भी प्रकार की दवाइयों के सेवन से बचने की सलाह देते हैं।
क्योंकि कुछ दवाएँ गर्भावस्था के दौरान लेना सुरक्षित होती हैं। लेकिन कुछ दवाइयों का सेवन करना निषेध होता है। गर्भावस्था के पहले 6 महीने में दवाइयां ज़रूरी होती हैं। वहीं, कुछ दवाइयां गर्भवती महिला या भ्रूण के स्वास्थ्य के लिए ज़रूरी हो सकती हैं।
इन बातों का ध्यान रखें
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गर्भावस्था के दौरान अपने स्वास्थ्य की जाँच जरूर कराएं।
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कोई भी नई दवाई लेने से पहले डॉक्टर या फार्मासिस्ट से सलाह लें।
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गर्भावस्था के दौरान कुछ दवाएं स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को बढ़ा सकती हैं।
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जैसे जन्म दोष, समय से पहले जन्म या गर्भावस्था का नुकसान आदि।
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हालांकि, किसी भी बीमारी का इलाज न करना भी खतरा पैदा कर सकता है।
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दवाओं से नुकसान की संभावना गर्भावस्था के शुरुआती चरणों में सबसे अधिक होती है।
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जैसे जो दवाइयां गर्भावस्था के शुरुआती 3 महीनों में सुरक्षित होती है। वे बाद के 6 महीनों में खतरा पैदा कर सकती है।
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गर्भावस्था के दौरान दर्द से राहत के लिए एसिटामिनोफेन (टाइलेनॉल) लेने की सलाह दी जाती है।
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लेकिन, एस्पिरिन और नॉनस्टेरॉइडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स (NSAIDs) से बचना चाहिए।
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अगर आपको सूखी खांसी है, तो फोल्कोडाइन या डेक्सट्रोमेथॉरफन सुरक्षित माना जाता है।
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जबकि छाती में खांसी के लिए गाइफेनेसिन या ब्रोमहेक्सिन सुरक्षित माना जाता है।
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