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किसान की बेटी ने किया UPSC क्रैक, देश में 6वीं रैंक हासिल कर बनीं IAS अधिकारी

किसान की बेटी ने किया UPSC क्रैक, देश में 6वीं रैंक हासिल कर बनीं IAS अधिकारी

Komal Punia Success Story: UPSC सिविल सर्विसेज परीक्षा, जो न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाती है, हर साल लाखों उम्मीदवार इसके लिए परीक्षा देते हैं, लेकिन सफल होने वाले बहुत कम होते हैं। ऐसे ही एक प्रेरक सफर की कहानी है कोमल पुन्निया की, जिन्होंने अपनी तीसरी कोशिश में UPSC परीक्षा में सफलता प्राप्त कर IAS अधिकारी बनने का सपना पूरा किया।

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर निवासी कोमल पुन्निया ने यह साबित किया है कि मेहनत और समर्पण से किसी भी चुनौती को पार किया जा सकता है। उनके पिता किसान हैं और मां गृहिणी। उनके परिवार में दो भाई-बहन भी हैं और यह परिवार आपस में बहुत करीब है। कोमल ने UPSC सिविल सर्विसेज परीक्षा 2024 में ऑल इंडिया रैंक 6 हासिल की।

कोमल कहा से की अपनी पढ़ाई

कोमल ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा जवाहर नवोदय विद्यालय (JNV), सहारनपुर से पूरी की। 12वीं कक्षा में उन्होंने 97% अंक प्राप्त किए और JEE परीक्षा भी उत्तीर्ण की। इसके बाद उन्होंने IIT रुड़की से B.Tech इन इंजीनियरिंग फिजिक्स 2021 में पूरी की। IIT में पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने IAS अधिकारी बनने के लिए UPSC की तैयारी शुरू करने का फैसला किया।

कभी नहीं मानी हार

कोमल की UPSC यात्रा आसान नहीं रही। साल 2022 में प्रीलिम्स में सफलता के करीब आने के बावजूद वह मुख्य परीक्षा तक नहीं पहुंच पाईं। फिर 2023 में उन्होंने मेहनत जारी रखी और ऑल इंडिया रैंक 474 हासिल की, जिससे उन्हें IPS में अवसर मिला। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और UPSC CSE 2024 में बैठकर अपनी पूरी मेहनत का परिणाम पाया और रैंक 6 के साथ IAS अधिकारी बनीं।

कैसे की परीक्षा की तैयारी

कोमल पुन्निया ने अपनी सफलता के पीछे समय प्रबंधन, ध्यान और आत्मविश्वास को सबसे बड़ा कारण बताया। उन्होंने कहा, "हर असफलता ने मुझे मजबूत बनाया। समय प्रबंधन, ध्यान और आत्मविश्वास मेरे सबसे बड़े सहारे थे।" उन्होंने अपने परिवार और दोस्तों का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने UPSC की कठिन यात्रा में उनका पूरा समर्थन किया। कोमल पुन्निया की कहानी यह संदेश देती है कि लगातार प्रयास, धैर्य और सही रणनीति से कोई भी सपना सच किया जा सकता है। उनकी सफलता न केवल सहारनपुर बल्कि पूरे देश के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। 

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