
Delhi Players Allowance: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को 47वीं राष्ट्रीय जूनियर बॉयज हैंडबॉल चैंपियनशिप का शुभारंभ किया। यह प्रतियोगिता पीतमपुरा स्थित एक सरकारी स्कूल में आयोजित की गई, जिसमें देश के अलग-अलग राज्यों से आए युवा खिलाड़ियों ने भाग लिया। मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों से आत्मीय बातचीत की, उनका उत्साह बढ़ाया और खेलों के भविष्य को लेकर सरकार का बड़ा विजन भी साझा किया।
लाख रुपये के पुरस्कार की घोषणा
मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा खिलाड़ी देश की असली ताकत हैं। आपकी सफलता सिर्फ आपकी नहीं, बल्कि पूरे देश की सफलता है। उन्होंने खिलाड़ियों को पूरे मन से खेलने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करने का संदेश दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने चैंपियनशिप की विजेता टीम के लिए एक लाख रुपये के पुरस्कार की घोषणा भी की। कार्यक्रम के दौरान खिलाड़ियों का जोश और ऊर्जा देखकर मुख्यमंत्री भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि खेल के प्रति आपकी मेहनत और लगन यह साबित करती है कि आप देश की मिट्टी से जुड़े हुए हैं। आज का युवा ही कल का भारत है और आने वाले समय में यही युवा देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
खेलों को बढ़ावा कई अहम फैसले
सीएम ने दिल्ली सरकार की नई खेल नीतियों की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार बनने के बाद खेलों को बढ़ावा देने के लिए कई अहम फैसले लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि दिल्ली का जो खेल तंत्र पहले कमजोर हो गया था, उसे फिर से मजबूत किया गया है। खिलाड़ियों को मिलने वाले भत्तों में बढ़ोतरी की गई है और स्कूल स्तर से ही खिलाड़ियों को आर्थिक सहायता दी जा रही है, ताकि वे बिना किसी परेशानी के अपनी प्रतिभा को निखार सकें।
इनाम राशि भी बढ़ाई गई
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य स्तर पर खेलने वाले दिल्ली के हर खिलाड़ी का अलाउंस बढ़ाया गया है। इसके साथ ही ओलंपिक, कॉमनवेल्थ और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को दी जाने वाली इनाम राशि भी बढ़ाई गई है। अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ी को 7 करोड़ रुपये, रजत पदक विजेता को 5 करोड़ रुपये और कांस्य पदक विजेता को 3 करोड़ रुपये की सम्मान राशि दी जा रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार खेल और खिलाड़ियों को हर संभव सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है।
सीएम ने युवाओं को किया प्रेरित
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत और दिल्ली में खेलों का एक नया दौर शुरू हो रहा है। आज देश की 60 प्रतिशत आबादी युवा है, जो भारत को दुनिया का सबसे युवा देश बनाती है। खेल न केवल शरीर को मजबूत बनाते हैं, बल्कि अनुशासन, धैर्य और टीम वर्क भी सिखाते हैं। युवाओं को प्रेरित करते हुए मुख्यमंत्री ने क्रिकेट के महान खिलाड़ी सचिन तेंदुलकर के शब्द दोहराए—“अपने खेल का आनंद लें और अपने सपनों का पीछा करें, क्योंकि सपने सच होते हैं।” उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य 2036 ओलंपिक खेलों की मेजबानी करना है और हमारे युवा खिलाड़ी इस सपने को साकार करेंगे।
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