Delhi News: 11 महीने बनाम 11 साल, मुख्यमंत्री ने गिनाईं उपलब्धियां, आम आदमी पार्टी सरकार की खोली पोल

Delhi News: 11 महीने बनाम 11 साल, मुख्यमंत्री ने गिनाईं उपलब्धियां, आम आदमी पार्टी सरकार की खोली पोल

Delhi News: मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली विधानसभा में अपनी सरकार के 11माह के कार्यकाल की उपलब्धियों को सिलसिलेवार, तथ्यात्मक आंकड़ों व प्रखर विचारों से विस्तार से पेश किया, साथ ही पिछली आम आदमी पार्टी सरकार के 11वर्षों के शासन की विफलताओं, अव्यवस्थाओं और भ्रष्टाचार की परत-दर-परत पोल भी खोलकर रख दी। विधानसभा के शीतकालीन सत्र में उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि उपराज्यपाल जी का अभिभाषण कोई संसदीय रस्म अदायगी नहीं है, बल्कि यह उस नए गवर्नेंस मॉडल का रोडमैप है, जिसमें दिल्ली को टकराव की राजनीति से निकालकर समन्वय, जवाबदेही और परिणाम आधारित शासन की ओर ले जाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आज दिल्ली में केंद्र सरकार, उपराज्यपाल, नगर निगम और विभिन्न एजेंसियां आपसी टकराव में नहीं, बल्कि दिल्ली के विकास के लिए एकजुट होकर काम कर रही हैं। सदन में मुख्यमंत्री भावुक भी हुई और कहा कि विपक्ष उनकी मानवीय भूल पर जानबूझकर छींटाकशी करता है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष को यह स्वीकार नहीं हो पा रहा है कि आज दिल्ली की मुख्यमंत्री एक महिला है।

टकराव नहीं, समन्वय की राजनीति

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यही वह मॉडल है, जिसे दिल्ली सरकार पूरे आत्मविश्वास के साथ जनता के सामने रख रही है। सरकार के निर्णयों में शोर नहीं, बल्कि समन्वय है; जहां घोषणाएं नहीं, बल्कि क्रियान्वयन है और जहां सत्ता प्रदर्शन नहीं, बल्कि सेवा का अभ्यास है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार गांधी जी के सर्वोदय, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी के अंत्योदय और अटल बिहारी वाजपेयी जी के राष्ट्रवाद से प्रेरणा लेकर माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के ‘विकसित भारत-विकसित दिल्ली’ के संकल्प को साकार करने के लिए लगातार कार्य कर रही है।

अंधकार से उजाले की ओर दिल्ली

मुख्यमंत्री ने कहा कि फरवरी 2025में जब उनकी सरकार बनी, तो ऐसा प्रतीत हुआ मानो वर्षों के अंधकार के बाद दिल्ली में नई रोशनी की किरण आई हो। बीते 15-20वर्षों में दिल्ली की आबादी और जरूरतें तेजी से बढ़ीं, लेकिन पिछली सरकारें बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में पूरी तरह विफल रहीं। परिणामस्वरूप सड़कें, अस्पताल, पानी, बिजली और परिवहन जैसी मूल व्यवस्थाएं लगातार चरमराती चली गईं। मुख्यमंत्री के अनुसार उनकी सरकार ने प्राथमिकताएं तय कीं, नीतियां बनाईं और शॉर्ट टर्म, मिड टर्म व लॉन्ग टर्म लक्ष्य निर्धारित कर योजनाबद्ध ढंग से काम शुरू किया। उन्होंने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि मात्र 11महीनों के अल्पकाल में ही दिल्ली की दिशा बदलने में सरकार सफल रही है।

 

स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक और साहसिक फैसले

मुख्यमंत्री ने बताया कि शपथ ग्रहण के पहले ही दिन आयुष्मान भारत जैसी देश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना को उसी दिन कैबिनेट में मंजूरी दी गई। बीते 11महीनों में इस योजना के तहत चार लाख से अधिक लोगों का पंजीकरण हुआ। वरिष्ठ नागरिकों के लिए लाई गई ‘वंदन योजना’ में 10लाख रुपये तक के इलाज की सुविधा दी गई, जिसके अंतर्गत 2.62लाख से अधिक लोगों का पंजीकरण हुआ और 19,200से अधिक मरीजों को इलाज मिला। अब तक 32करोड़ रुपये से अधिक के क्लेम का भुगतान किया जा चुका है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे यह साफ जाहिर होता है कि दिल्ली की जनता इलाज के लिए कितनी परेशान थी और किस तरह वर्षों से उन्हें दर-दर भटकना पड़ता था।

डिजिटलीकरण से भ्रष्टाचार पर सीधा प्रहार

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि दिल्ली सरकार ने अस्पताल सूचना प्रबंधन प्रणाली (HIMS) लागू कर पूरे सरकारी अस्पताल तंत्र को डिजिटल किया। अब ऑनलाइन ओपीडी बुकिंग, डिजिटल प्रिस्क्रिप्शन और इंटरलिंक्ड मेडिकल रिकॉर्ड के माध्यम से वह सारा भ्रष्टाचार बंद हो गया है, जिसमें एक ही मरीज के नाम पर कई बार दवाइयों के बिल बनते थे। उन्होंने बताया कि लोकनायक अस्पताल में मेडिकल जेनेटिक वार्ड की स्थापना की गई, जहां गर्भ में ही बच्चे की जेनेटिक बीमारियों की जांच संभव है। इसके साथ ही 150डायलिसिस मशीनें, अत्याधुनिक ब्लड टेस्टिंग मशीनें और नवजात शिशुओं के लिए लैक्टेशन मैनेजमेंट यूनिट शुरू की गईं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पहली बार दिल्ली स्टेट आयुष सोसायटी का गठन किया गया। इसके साथ ही स्टेट ऑर्गन एंड टिशू ट्रांसप्लांट ऑर्गनाइजेशन बनाकर ऑर्गन डोनेशन को व्यवस्थित प्लेटफॉर्म दिया गया। 29नए जन औषधि केंद्र खोले गए, जहां सस्ती दवाइयां उपलब्ध हैं, और पांच सरकारी अस्पतालों के नए ब्लॉक शुरू किए गए।

हमारी सरकार ने यह कार्य भी किए

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने 500पालना केंद्र शुरू किए, जहां कामकाजी महिलाएं अपने छोटे बच्चों को सुरक्षित वातावरण में छोड़कर काम पर जा सकती हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि 1300नर्सिंग पद भरे गए। नर्सिंग इंटर्न का भत्ता 500से बढ़ाकर 13,150रुपये प्रतिमाह किया गया। गंभीर दिव्यांगजनों की देखभाल के लिए 6000रुपये प्रतिमाह सहायता योजना शुरू की गई। उन्होंने बताया कि दिल्ली में 100अटल कैंटीन खोलने का लक्ष्य रखा गया है। 45शुरू हो चुकी हैं, जहां 5रुपये में भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। दिल्ली स्कूल एजुकेशन एक्ट 2025के जरिए निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगी। ईवी बसों की संख्या बढ़ाकर 3500की गई, जिसे 2026तक 7500और आगे 10,000तक ले जाने का लक्ष्य है। पहली बार दिल्ली का अलग पब्लिक अकाउंट बनाया गया, जिसमें 15,000करोड़ रुपये जमा हो चुके हैं। इसके अलावा जीएसटी में 915करोड़ रुपये का समयबद्ध रिफंड व्यापारियों को दिया गया।

पिछली सरकार की अव्यवस्था और अधूरी परियोजनाएं

मुख्यमंत्री ने पिछली सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि बिना योजना, बिना बजट और बिना नक्शे के अस्पतालों की इमारतें खड़ी कर दी गईं। लागत 200करोड़ से 1600करोड़ तक पहुंच गई। आज उन परियोजनाओं को सुलझाना एक बड़ा टास्क बन गया है। कई मामलों में नए टेंडर जारी करने पड़े हैं। उन्होंने यह भी बताया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में दिल्ली की करीब डेढ़ लाख बुक्ड प्रॉपर्टीज बिना बिजली मीटर के थीं। मीटर न होने के बावजूद बिजली का उपयोग हो रहा था, जिससे चोरी और भ्रष्टाचार फल-फूल रहा था। हमारी सरकार ने साहसिक निर्णय लेते हुए इन सभी प्रॉपर्टीज को वैध बिजली कनेक्शन और मीटर उपलब्ध कराए। मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली जल बोर्ड के तहत लाखों उपभोक्ताओं पर अव्यवहारिक पानी के बिल थोपे गए थे। सरकार द्वारा लाई गई एमनेस्टी योजना के तहत अब तक 2,10,654उपभोक्ता लाभान्वित हुए और 224करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।

यमुना को निर्मल बनाना हमारी प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने यमुना की सफाई को लेकर भी अपना सरकार का रुख स्पष्ट किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुना की सफाई एक जटिल प्रक्रिया है जिसे सतही उपायों से हल नहीं किया जा सकता। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों के समय से चली आ रही पुरानी तकनीक और निष्क्रिय सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (STP) को मुख्य चुनौती बताया। वर्तमान सरकार अब नए सिरे से पुराने प्लांट्स को ठीक कर रही है और नए STP स्थापित करने के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री ने सड़कों के बुनियादी ढांचे का कायाकल्प करने की भी बात कही। उन्होंने विधानसभा में बताया कि सड़कों की स्थिति सुधारने के लिए मुख्यमंत्री ने ‘वॉल-टू-वॉल री-कारपेटिंग’ योजना की घोषणा की। इसके तहत सड़कों को केवल ऊपरी तौर पर सुधारने के बजाय उनका पूर्ण पुनर्निर्माण किया जाएगा। इस योजना के तहत अभी तक 140किलोमीटर सड़कों का कार्य पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री ने शिक्षा और ‘सीएम श्री स्कूल’ से जुड़ी भ्रांतियों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम पर चल रहे किसी भी स्कूल का नाम नहीं बदला गया है। उन्होंने कहा कि इन स्कूलों को आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और उन्नत शैक्षणिक सुविधाओं से लैस करने के लिए इस मॉडल के तहत विकसित किया जा रहा है, ताकि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके।

पिछली सरकार की छोड़ी गई देनदारियों का बोझ

मुख्यमंत्री ने यह भी जानकारी दी कि पिछली आम आदमी पार्टी सरकार दिल्ली को भारी वित्तीय और प्रशासनिक देनदारियों के बोझ तले छोड़ गई थी। बिजली, पानी, स्वास्थ्य, परिवहन, शिक्षा, खेल और सामाजिक कल्याण से जुड़े कई विभागों में हजारों करोड़ रुपये की देनदारियां लंबित थीं, जिनका कोई स्पष्ट लेखा-जोखा तक नहीं छोड़ा गया। दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) को भुगतान, बिजली वितरण कंपनियों के बकाया, दिल्ली जल बोर्ड की वित्तीय बदहाली, अधूरी अस्पताल परियोजनाएं और बिना बजट शुरू की गई योजनाएं इसका प्रत्यक्ष उदाहरण हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार ने घोषणाएं तो खूब कीं, लेकिन उनके लिए आवश्यक वित्तीय प्रावधान नहीं किए, जिससे वर्तमान सरकार को न केवल विकास कार्य शुरू करने पड़े, बल्कि पुरानी देनदारियों को भी चुकाना पड़ रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि छात्रवृत्ति, सामाजिक सहायता योजनाओं और ठेकेदारों के भुगतान में भारी बकाया छोड़ा गया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ इन देनदारियों का निपटारा कर रही है, ताकि दिल्ली की वित्तीय स्थिति को मजबूत किया जा सके और भविष्य की योजनाओं को बिना बोझ के आगे बढ़ाया जा सके।

निजी आरोपों पर सदन में भावुक हुई मुख्यमंत्री

सदन में मुख्यमंत्री उस समय भावुक हो गईं, जब उनके द्वारा बोले गए एक शब्द को लेकर विपक्ष द्वारा बार-बार मजाक उड़ाया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनसे एक मानवीय भूल हो सकती है, लेकिन उसे लेकर जिस तरह से जानबूझकर छींटाकशी की जा रही है, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा, ‘मुझसे तो गलती हो गई, लेकिन आप लोग जानबूझकर ऐसा कृत्य करते हैं।‘ मुख्यमंत्री ने सदन में स्पष्ट शब्दों में कहा कि विपक्ष को यह स्वीकार नहीं हो पा रहा है कि आज दिल्ली की मुख्यमंत्री एक महिला है। उन्होंने भावुक स्वर में कहा, ‘इनको यह अच्छा नहीं लगता कि एक महिला दिल्ली की मुख्यमंत्री है।’ उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति का सम्मान होना चाहिए, लेकिन व्यक्तिगत टिप्पणियां और महिला होने के कारण उपहास उड़ाना न केवल राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ है, बल्कि यह समाज की सोच पर भी सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा कि वे इस तरह की टिप्पणियों से विचलित नहीं होंगी और पूरे आत्मसम्मान के साथ दिल्ली की जनता की सेवा करती रहेंगी।

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