Badrinath Temple Donation Case: उत्तराखंड में स्थित बद्रीनाथ मंदिर में दान और चढ़ावे में गड़बड़ी की शिकायतों के बाद उत्तराखंड मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों पर राज्य सरकार ने इस मामले की विस्तृत जांच के लिए तीन सदस्यीय उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया। इस समिति की अध्यक्षता गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप करेंगे। पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक समानांतर प्रशासनिक कार्रवाई में, श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) ने चेयरमैन के कार्यालय में तैनात पर्सनल असिस्टेंट प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया और उनके खिलाफ FIR दर्ज कराई।
उच्च-स्तरीय जांच समिति में गढ़वाल कमिश्नर आनंद स्वरूप चेयरमैन होंगे, जबकि NHM के मैनेजिंग डायरेक्टर संदीप तिवारी और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के महानिदेशक कार्यालय में निदेशक (वित्त) जगत सिंह चौहान सदस्य होंगे। समिति को जांच के दौरान जरूरत पड़ने पर किसी भी अधिकारी, विशेषज्ञ या अन्य संबंधित व्यक्ति से सहायता या विशेषज्ञ राय लेने का अधिकार दिया गया है। यह समिति मंदिर की दान प्रबंधन प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और दक्षता को मजबूत करने के उपायों की भी सिफारिश करेगी।
दर्ज हुई FIR
श्री बद्रीनाथ धाम में दान और चढ़ावे से जुड़ी कथित अनियमितताओं के मामले में, बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC) के चेयरमैन के ऑफिस में तैनात पर्सनल असिस्टेंट प्रमोद नौटियाल के खिलाफ बद्रीनाथ पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया है। यह FIR भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 306 और 316(5) के तहत दर्ज की गई है।
‘मंदिर का पैसा गैर-कानूनी तरीके से निकाला गया था’
FIR के मुताबिक, 2 जुलाई को मंदिर की दान-पात्र (थाली भेंट) में आए चढ़ावे की गिनती के दौरान, शुरुआती जांच में पता चला कि सुबह 9:00 बजे से 9:30 बजे के बीच दान की गिनती वाले सेंटर से मंदिर का पैसा गैर-कानूनी तरीके से निकाला गया था। शुरुआती जांच में मिली इन जानकारियों के आधार पर नौटियाल को पहले ही सस्पेंड कर दिया गया था। बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने शिकायत दर्ज कराई है कि प्रमोद नौटियाल ने निजी फायदे के लिए मंदिर के दान का पैसा गैर-कानूनी तरीके से लिया, जिसके बाद यह आपराधिक मामला दर्ज किया गया।