Tension in Bangladesh: बांग्लादेश में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। बांग्लादेश की राजधानी ढाका स्थित नेशनल प्रेस क्लब के बाहर शुक्रवार यानी 18 जुलाई को हिन्दू, बौद्ध और ईसाई समुदाय के लोगों ने प्रदर्शन किया। ये प्रदर्शन बांग्लादेश हिन्दू-बौद्ध-ईसाई एकता परिषद की तरफ से किया गया।
प्रदर्शनकारियों ने हिन्दू युवक हरिदास चंद्र तरणी दास की गिरफ्तारी का विरोध कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि उन्हें मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे आरोप में फंसाया गया है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि तरणी दास ने भगवान राम की प्रतिमा बनाने का ऐलान किया था। जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया।
एकता परिषद ने क्या कहा
एकता परिषद के महासचिव मणिंद्र कुमार नाथ ने कहा कि संगठन हरिदास चंद्र तरणी दास की गिरफ्तारी का कड़ा विरोध करता है। उन्होंने कहा कि सरकार ने दो-तीन दिन पहले इस आरोप में गिरफ्तार किया कि उन्होंने पलाशबाड़ी में भगवान राम की मूर्ति बनवाई है। मणिंद्र कुमार नाथ ने कहा कि गिरफ्तारी किसी कीमत पर स्वीकार नहीं है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में गैर-मुस्लिमों पर लगातार हमले हो रहे हैं।
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भारत जता चुका है विरोध
इस बीच इस मुद्दो को लेकर भारत पहले भी अपना विरोध दर्ज करा चुका है। 23 जून को दिल्ली में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदू देवी-देवीताओं और उनकी प्रतिमाओं के अपमान चिंताजनक है। उन्होंने उम्मीद जताते हुए कहा था कि बांग्लादेश की सरकार कट्टरपंथी तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करेगी और अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी।