Sonam Wangchuk Protest: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना की। उन्होंने सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन स्थल से हटाए जाने पर नाराजगी जताई और प्रधानमंत्री से "अहंकार" में आकर काम न करने की अपील की। साथ ही, उन्होंने कहा कि ऐसे व्यवहार के नतीजों का "इतिहास गवाह" है।
एक वीडियो संदेश जारी करते हुए केजरीवाल ने आरोप लगाया कि वांगचुक को विरोध स्थल से गलत तरीके से हटाया गया और दावा किया कि इस कार्रवाई के दौरान उनके समर्थकों के साथ बुरा बर्ताव किया गया। उन्होंने कहा, "आज सुबह जब मैं उठा, तो मुझे पता चला कि सोनम वांगचुक को बहुत गलत तरीके से उठाया गया और उनका अनशन तोड़ने की कोशिश की गई। सादे कपड़ों में पुलिस भेजी गई, उन्हें चारों तरफ से चादर से ढक दिया गया, और उन्हें ले जाने व अस्पताल में भर्ती कराने से पहले उनके साथियों के साथ बुरा बर्ताव किया गया, उन्हें अपमानित किया गया और धक्का-मुक्की की गई।
आज़ादी की लड़ाई के दौरान महात्मा गांधी की भूख हड़ताल से इस घटना की तुलना करते हुए केजरीवाल ने विरोध प्रदर्शन पर सरकार के रवैये पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "गांधीजी ने इतने लंबे उपवास रखे थे। अंग्रेज़ों ने भी ऐसा बर्ताव नहीं किया था। क्या हमने आज़ादी की लड़ाई इसलिए लड़ी थी कि एक दिन हमारी अपनी सरकार ऐसा बर्ताव करेगी?" केजरीवाल ने कहा कि वांगचुक और विरोध कर रहे छात्र शिक्षा और परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दे उठा रहे थे। उन्होंने कहा, "मैं मोदीजी से पूछना चाहता हूँ कि ये बच्चे क्या मांग रहे हैं? ये हमारे देश के बच्चे हैं। इनके साथ ऐसा बुरा बर्ताव करना ठीक नहीं है। ये बच्चे बस एक अच्छी शिक्षा प्रणाली की मांग कर रहे हैं, कि पेपर लीक न हों और परीक्षा प्रणाली अच्छी हो।"
AAP नेता ने आरोप लगाया कि इन चिंताओं को दूर करने के बजाय, सरकार का ध्यान विरोध प्रदर्शन को कमज़ोर करने पर था। केजरीवाल ने कहा, "उस पर ध्यान देने के बजाय, सरकार का पूरा ध्यान इस बात पर है कि उनके आंदोलन को कैसे नाकाम किया जाए, उसे कैसे बदनाम किया जाए और उसका कैसे अपमान किया जाए। एक पोस्ट में उन्होंने लिखा, "मोदी ने आज अहंकार में सोनम वांगचुक का अपमान किया। मोदी जी को सोनम वांगचुक से बात करनी चाहिए थी।