US Delays Iran Strikes: अमेरिका और ईरान के बीच पिछले कई महीनों से जारी तनाव के बीच राहत की खबर सामने आई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उन्होंने फिलहाल ईरान पर होने वाले नए अमेरिकी हमलों को रोक दिया है। उनका कहना है कि यह फैसला मध्य पूर्व के देशों और ईरान के अनुरोध के बाद लिया गया है, ताकि दोनों पक्षों के बीच समझौते की प्रक्रिया आगे बढ़ सके। डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर कहा कि करीब पांच महीने से जारी संघर्ष को खत्म करने के लिए समझौते के कुछ अहम बिंदुओं पर सहमति बन गई है। उनके मुताबिक, प्रस्तावित समझौते में होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत और बिना किसी रुकावट के खोलना तथा ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े खतरे को समाप्त करना शामिल है।
अमेरिका आगे की कार्रवाई पर विचार कर सकता है- ट्रंप
हालांकि ट्रंप ने साफ किया कि अमेरिकी हमलों पर लगी रोक स्थायी नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर समझौते को जल्द अंतिम रूप नहीं दिया गया तो अमेरिका आगे की कार्रवाई पर विचार कर सकता है। ट्रंप ने कहा कि दुनिया के बेहतर भविष्य और एक स्थिर ईरान के लिए इस समझौते को जल्द पूरा करना जरूरी है। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि इजरायल इस शांति प्रयास में अमेरिका का साथ देने के लिए तैयार है और समझौते को सफल बनाने में सहयोग करेगा। हालांकि, इस संबंध में इजरायल सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
इजरायल को कड़ी चेतावनी
दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिका और इजरायल को कड़ी चेतावनी दी है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने तुर्की, पाकिस्तान और सऊदी अरब के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत के दौरान कहा कि यदि ईरान पर कोई नया हमला हुआ तो उसका जवाब पूरी ताकत और सख्ती से दिया जाएगा। इस बीच अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने भी ट्रंप से बातचीत कर क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर चिंता जताई है। उन्होंने अमेरिका की रणनीति को लेकर जानकारी मांगी और हालात को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने पर जोर दिया।
प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया जा सकता है
रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान से जुड़े एक मीडिया संस्थान ने चेतावनी दी है कि यदि उसके ऊर्जा ठिकानों पर हमला हुआ तो जवाबी कार्रवाई में सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कतर और इजरायल के ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया जा सकता है। फिलहाल ट्रंप के बयान से तनाव कम होने की उम्मीद जरूर बढ़ी है, लेकिन जब तक समझौते पर अंतिम मुहर नहीं लगती और दोनों पक्ष उसके पालन पर सहमत नहीं होते, तब तक क्षेत्र की स्थिति पूरी तरह सामान्य कहना जल्दबाजी होगी।
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