Mamta Banarjee Announces Support To Congress:पश्चिम बंगाल की राजनीति में नंदीग्राम उपचुनाव को लेकर शुक्रवार को बड़ा मोड़ आ गया। ममता बनर्जी के गुट की ओर से मैदान में उतारी गई उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद ममता बनर्जी ने नंदीग्राम में अपना उम्मीदवार नहीं उतारने और कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन देने का ऐलान किया। संचिता के नामांकन वापस लेने से पहले उनकी मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की खबर सामने आई थी।
ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वह इस घटनाक्रम से पीछे हटने वाली नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि उनकी राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल से बातचीत हुई है और वह इंडिया गठबंधन के साथ हैं। ममता ने कहा कि नंदीग्राम में कांग्रेस को समर्थन देने का फैसला पहले से विचार में था, क्योंकि कांग्रेस का उम्मीदवार अच्छा है।
ममता बनर्जी गुट को मिला नया सिंबल
ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग के फैसले और टीएमसी के नाम-चिह्न को लेकर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। चुनाव आयोग ने 17 सितंबर को अंतरिम आदेश के तहत ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस का नाम और पारंपरिक फूल और घास चुनाव चिह्न दोनों गुटों के लिए फ्रीज कर दिए थे। इसके बाद दोनों गुटों को नए नाम और चुनाव चिह्न चुनने को कहा गया। इसके बाद आयोग ने ममता बनर्जी के गुट को ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस नाम और फुटबॉल खिलाड़ी का चुनाव चिह्न आवंटित किया। वहीं ऋतब्रत बनर्जी गुट को अलग नाम और लिफाफा चुनाव चिह्न दिया गया।
ममता बनर्जी ने लगाया आरोप
ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी और कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई जारी रहेगी और वह जनता के साथ खड़ी रहेंगी। उन्होंने शिवसेना और एनसीपी में हुए विभाजन का जिक्र करते हुए चुनाव आयोग पर भी गंभीर आरोप लगाए। नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार के समर्थन के ऐलान के बाद अब 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव में मुकाबले का राजनीतिक समीकरण बदल गया है।
Also read: पश्चिमी उत्तर प्रदेश को साधने की कवायद, सहारनपुर में अखिलेश का मंथन; पार्टी के सांसद रहे मौजूद