Haryana News: हरियाणा के रोहतक शहर के डी-पार्क स्थित व्यस्त बाजार में मंगलवार दोपहर एक जूतों के शोरूम में भीषण आग लग गई। इस आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास की करीब 10 से 12 दुकानों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में तीन लोगों के जले हुए शव बरामद किए गए हैं, जबकि कई अन्य लोगों के फंसे होने की आशंका के बीच घंटों तक राहत एवं बचाव अभियान चलता रहा।
अभी तक तीन आग में जिंदा जले मृतकों की लोगों की पहचान हो गई मृतक कपिल, अमन दुकान में काम करने वाले थे जबकि सौरभ एक जूते की दुकान का मालिक है। तीनों के शवों को रोहतक पीजीआई में रखवा दिया है। कल तीनों का पोस्ट मार्टम होगा। तीनों के शव बुरी तरह से जल चुके है पहचान लायक भी नहीं है। DNA के आधार पर शवों की पहचान की जाएगी।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आग की शुरुआत रोहतक शहर के सबसे पोश इलाके के डी-पार्क मार्केट स्थित "रोहतक शूज" के तीन मंजिला शोरूम में हुई। प्रत्यक्षदर्शियों और दुकानदारों का कहना है कि भीषण गर्मी के बीच एसी कंप्रेसर में ब्लास्ट होने के बाद आग लगी, जिसने कुछ ही देर में पूरे शोरूम को अपनी चपेट में ले लिया। शोरूम में रखे जूते व अन्य ज्वलनशील सामान के कारण आग तेजी से फैली और आसपास की दुकानों तक पहुंच गई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए रोहतक के अलावा अन्य जिलों से भी फायर ब्रिगेड की गाड़ियां बुलाई गईं। एनडीआरएफ की टीम को भी मौके पर तैनात किया गया। करीब छह घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। आग बुझाने के लिए पुलिस के वज्र वाहनों का भी इस्तेमाल किया गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जिन कर्मचारियों और लोगों के अंदर फंसे होने की आशंका जताई जा रही थी, उनके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। बाद में मलबे से तीन जले हुए शव बरामद किए गए।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) समरदीप सिंह, जिला उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक सहित प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत कार्यों की निगरानी की। आईजी समरदीप सिंह ने बताया कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है तथा फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए हरसंभव प्रयास किए गए।
इस बीच, रोहतक से सांसद दीपेंद्र सिंह हुडा भी घटनास्थल पर पहुंचे और पीड़ित दुकानदारों तथा प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की और प्रभावितों को हर संभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने सरकार से मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा, सरकारी नौकरी तथा प्रभावित दुकानदारों को भवन, दुकान और सामान के नुकसान का शत-प्रतिशत मुआवजा देने की मांग की। उन्होंने आग लगने के कारणों और फायर ब्रिगेड की प्रतिक्रिया में हुई कथित देरी की निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग उठाई।
स्थानीय लोगों और कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि आग लगने के बाद फायर ब्रिगेड की पहली गाड़ी तो मौके पर पहुंची, लेकिन दूसरी गाड़ी पहुंचने में करीब 40 मिनट का समय लग गया। उनका कहना है कि यदि पर्याप्त संसाधन समय पर उपलब्ध हो जाते तो नुकसान काफी कम किया जा सकता था। इसको लेकर प्रशासन की तैयारियों और फायर सेफ्टी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि आग की चपेट में आई अधिकांश दुकानें जूतों की थीं, जबकि कुछ अन्य दुकानों में अंडरगारमेंट्स और जूस कारोबार से संबंधित प्रतिष्ठान शामिल हैं। आग के कारण करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
डी-पार्क की यह मार्केट नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुडा के आवास के निकट स्थित है। पूरे इलाके में देर शाम तक राहत एवं जांच का कार्य जारी रहा, जबकि प्रशासन आग लगने के वास्तविक कारणों और नुकसान का आकलन करने में जुटा हुआ है।