
Fever Causes Health Emergency: बदलते मौसम के दौरान सर्दी, जुकाम और बुखार होना आम बात है लेकिन कोई आपसे कह दे कि बुखार की वजह से एक दो नहीं बल्कि 20 लोगों की मौत हो गई है, तो क्या आप यकीन करेंगे। लेकिन, ऐसा हुआ है। हरियाणा के पलवल जिले के छैंसा गांव में मानों दहशत फैल गई हो।
छैंसा गांव में हेल्थ इमरजेंसी जैसे हालत हो गए हैं। पिछले दो सप्ताह में 20 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। जिनमें से कई लोगों में हेपेटाइटिस-बी संक्रमण की पुष्टी हुई है। अब मामले की गंभीरता को देखते हुए गांव में स्वास्थ्य कैंपेन चलाया जा रहा है।
घर-घर हो रही जांच
छैंसा गांव में लगातार हो रही मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग एक्टिव हो चुका है। स्वास्थ्य विभाग की एक टीम घर-घर जाकर लोगों के ब्लड सैंपल ले रही है, उन्हें पीलिया, हेपेटाइटिस बी और हेपेटाइटिस-सी की जांच कराने के लिए कहा जा रहा है। स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि जिन लोगों में हेपेटाइटिस के लक्षण पाए जाए रहे हैं, उन्हें तुरंत अस्पताल भेजा जा रहा है। ताकी संक्रमण को फैलने से रोका जाए। रोगियों को पहले सर्दी, जुकाम और बुखार के लक्षण दिखाई देते हैं। जिसके बाद मरीज की स्थिति गंभीर हो जाती है।
लोगों को किया जा रहा जागरूक
इस बीच बीमारी का दूसरा पहलू भी सामने आया है। गांव के 14 साल के लड़के सारिक की पिछले सप्ताह मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में समय पर इलाज नहीं मिला और आईसीयू बेडी की संख्या प्रयाप्त ना होने के कारण स्थिति और ज्यादा बिगड़ती चली गई। अब प्रशासन के सामने चुनौती बढ़ गई है। एक तरफ हेपेटाइटिस संक्रमण को रोकना है और दूसरी तरफ दूषित पानियों और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गावंवालों की चिंताओं का हल निकालना। मौजूदा स्थिति को देखते हुए बड़े स्तर पर जांच अभियान चलाए गए हैं। वहीं, स्वाथ्य विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
क्या कहना है डॉक्टर का
वहीं, नोडल अधिकारी वासुदेव गुप्ता का कहना है कि हेपेटाइटिस-बी संक्रमण खून, संक्रमित सुई के इस्तेमाल और असुरक्षित यौन संबंधों के जरिए फैलता है। अधिकारियों को आशंका है कि कुछ मामले नशे के दौरान साझा की गई सुई के इस्तेमाल से जुड़े हो सकते हैं। अब स्थिति को देखते हुए प्रशासन गांव में जागरूकता अभियान चला रहा है और लोगों को जांच कराने के लिए कहा जा रहा है।
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