Haryana News: फरीदाबाद जिले में पहली बार टोकन के जरिए श्रमिकों को पहचान मिलेगी। श्रमिकों के लिए लेबर चौक पर अव्यवस्था समाप्त हो जाएगी। सेक्टर 14/17 स्थित लेबर चौक पर श्रमिकों के लिए टोकन आधारित श्रमिक प्रबंधन प्रणाली का आगाज किया गया है।
इस अनूठी पहल की शुरुआत प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने किया। यह पहल कायाकल्प ग्लोबल द्वारा श्रमिकों और नियोक्ताओं दोनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई है।
पहले कम श्रमिकों को मिल पाता था रोजगार
अब तक लेबर चौक पर काम लेने आने वाले श्रमिकों को काफी दिक्कत होती थी। उनके पहुंचते ही बड़ी संख्या में श्रमिक उन्हें घेर लेते थे और काम पर चलने को लेकर बात करते थे। जिससे असमान्य स्थिति बन जाती थी। बता दें कि प्रतिदिन लगभग 300 श्रमिक लेबर चौक पर पहुंचते हैं, जबकि लगभग 120 श्रमिकों को ही रोजगार मिल पाता था। इससे अव्यवस्था फैलती थी और सड़क पर आवागमन भी प्रभावित होता था।
टोकन सिस्टम के जरिए पंजीकरण
नई टोकन सिस्टम के तहत प्रत्येक श्रमिक का पंजीकरण कर उसे टोकन दिया जाएगा। नियोक्ता अपनी आवश्यकता के अनुसार व्यवस्थित तरीके से श्रमिकों का काम पर ले जा सकेंगे। इससे भीड़भाड़, धक्का-मुक्की और अव्यवस्था पर रोक लगेगी तथा श्रमिकों को भी समान मौके मिलेंगे।साथ ही सभी श्रमिकों के आधार कार्ड नंबर भी लिए गए हैं। ताकी जहां जिसके साथ काम पर जाएंगे, वहां का पूरा पता भी रिकॉर्ड रखा जाएगा। एक तरह से सभी श्रमिकों को लिस्ट किया जा रहा है। ताकि यदि कोई श्रमिक कहीं अपराध भी कर देगा तो उसे पकड़ना आसान होगा।
विपुल गोयल ने क्या कहा?
इस दौरान कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने कहा कि असंगठित क्षेत्र के लोगों का व्यवस्थित पंजीकरण समय की आवश्यकता है। उन्होंने श्रमिकों के कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं, चिकित्सा सुविधाएं तथा अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। आयोजन स्थल पर श्रमिकों के लिए बैठने के लिए शैड और अन्य आवश्यक सामान उपलब्ध कराए गए हैं। कायाकल्प ग्लोबल के प्रतिनिधियों ने बताया कि यह एक पायलट प्रोजेक्ट है। यदि यह मॉडल सफल रहता है तो इसे हरियाणा के सभी जिलों के लेबर चौक पर लागू करने का काम किया जाएगा।
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इससे असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का विश्वसनीय रिकॉर्ड तैयार होगा, जिसके आधार पर सरकार उनके लिए अधिक प्रभावी कल्याणकारी योजनाएं बना सकेंगी। यह पहल श्रमिकों को सम्मानजनक, पारदर्शी और सुव्यवस्थित रोजगार मुहैया कराने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।