Maruti Suzuki Kharkhoda Plant: भारत की ऑटोमोबाइल सेक्टर में एक बड़ी उपलब्धि के तहत मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने हरियाणा के खरखौदा में अपनी अत्याधुनिक वाहन निर्माण इकाई का उद्घाटन किया है। यह उद्घाटन हाल ही में दिल्ली में आयोजित इंडिया-जापान ज्वाइंट इकोनॉमिक फोरम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से किया। इस मौके पर सुजुकी समूह के वरिष्ठ अधिकारी तोशिहिरो सुजुकी और हिसाशी ताकेउचि सहित भारत सरकार के कई शीर्ष अधिकारी भी मौजूद रहे। इस परियोजना को भारत और जापान के बीच आर्थिक साझेदारी को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
5 लाख यूनिट की शुरुआती क्षमता
खरखौदा स्थित यह प्लांट फिलहाल 5 लाख वाहन प्रति वर्ष उत्पादन क्षमता के साथ शुरू हुआ है। इसे चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर 10 लाख यूनिट सालाना तक ले जाने की योजना है। पूरी क्षमता पर पहुंचने के बाद यह दुनिया की सबसे बड़ी ऑटोमोबाइल निर्माण इकाइयों में शामिल हो सकता है। इस परियोजना में मारुति सुजुकी लगभग 35,000 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है। कंपनी का अनुमान है कि इससे 21,000 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बनेंगे। इसके अलावा सहायक उद्योगों, लॉजिस्टिक्स और ऑटो कंपोनेंट सेक्टर में भी हजारों नई नौकरियां पैदा होंगी।
आधुनिक तकनीक और स्मार्ट फैक्ट्री मॉडल
यह प्लांट करीब 800 एकड़ क्षेत्र में फैला है और इसे Suzuki Smart Factory मॉडल पर विकसित किया गया है। इसमें डिजिटल तकनीक और इंडस्ट्री 5.0 के सिद्धांतों का इस्तेमाल किया गया है। यहां रोबोट और इंसान मिलकर काम करेंगे, जिससे उत्पादन की गुणवत्ता और सुरक्षा दोनों में सुधार होगा। कंपनी ने बताया कि इस प्लांट में बनने वाली सभी गाड़ियां आधुनिक तकनीक और उच्च मानकों पर तैयार की जाएंगी। सुजुकी का पहला इलेक्ट्रिक वाहन e VITARA भी यहीं बनाया जा रहा है, जिसे कई देशों में निर्यात किया जाएगा।
हरित ऊर्जा और पर्यावरण पर जोर
खरखौदा प्लांट अपनी बिजली की 100 प्रतिशत जरूरतें नवीकरणीय ऊर्जा से पूरी करेगा। इसमें सोलर पावर, बायोगैस प्लांट और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम शामिल हैं। इसके साथ ही यहां जीरो लिक्विड डिस्चार्ज सिस्टम लागू किया गया है, जिससे पानी का 100 प्रतिशत पुनर्चक्रण सुनिश्चित होगा।
गांवों और कौशल विकास पर फोकस
मारुति सुजुकी आसपास के 10 गांवों में शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़े CSR प्रोजेक्ट चला रही है। साथ ही, भारत और जापान सरकार के सहयोग से चल रहे Japan-India Institute for Manufacturing (JIM) के जरिए अब तक 2,600 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है। खरखौदा परियोजना को भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है। यह न केवल ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को मजबूत करेगा, बल्कि भारत को वैश्विक ऑटो मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में भी अहम भूमिका निभाएगा।
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