Delhi News: दिल्ली वासियों को बड़ा झटका लगा है। दिल्ली बिजली नियामक आयोग ने तीन बिजली कंपनियों BRPL,BYPL और TPDDL को अप्रैल के लिए पर्चज एडजेस्टमेंट नामक अतिरिक्त चार्ज वसूलने की परमिशन दे दी है।
यह दिल्ली में पहला मासिक पीपीएसी है। पहले ये हर तीन महीने में होता था। ऐसे में राजधानी में बिजली एक से 3.30 फीसदी महंगी हो सकती है। साथ ही हर महीने बिजली की दरों की समीक्षा होगी। बताया जा रहा है कि 500 यूनिट से ज्यादा खर्च करने पर बिल बढ़कर आएगा। बढ़ा हुआ बिल जून महीने से आएगा। इसका 500 यूनिट से कम खर्च करने वालों पर असर नहीं पड़ेगा।
पीपीएसी क्या है
दरअसल, पीपीएसी बिजली बनाने वाली कंपनियों से बिजली खरीदने की लागत में हुई बढ़ोतरी को उपभोक्ताओं तक पहुंचाने का तरीका है। कोयला, ईंधन महंगा होने की वजह से बिजली खरीद महंगी हो गई थी। देश के 25 से ज्यादा राज्यों में पहले ही यह चल रहा है। यह कानून और अदालत के आदेश के मुताबिक हुआ है।
आम लोगों पर कितना होगा असर
इस बढ़ोतरी का सब्सिडी लेने वाले यानी 200 से 500 यूनिट तक का लाभ लेने वालों को अतिरिक्त बोझ नहीं उठाना पड़ेगा। दिल्ली सरकार की सब्सिडी यूनिट्स पर आधारित है। ज्यादा बिजली यूज करने वाले या सब्सिडी से बाहर वालों के अप्रैल के बिजली बिल में सात से 18 फीसदी तक अतिरिक्त सरचार्ज लग सकता है।
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क्यों लिया गया फैसला
बिजली कंपनियों को जेनरेटरों को समय पर पैसे देने पड़ते हैं। अगर पीपीएसी न लिया जाए तो कंपनियों पर पैसे का संकट आएगा। जिसका ब्याज का बोझ अंत में उपभोक्ताओं पर ही पड़ता है। समय पर पीपीएसी लेने से ब्याज का बोझ ज्यादा नहीं होता है।