
India-America Relation In 2025: साल 2024 अंत की तरफ हैं। ये साल कई ऐतिहासिका लमहों का गवाह रहा। इस साल देश-दुनिया की कई बड़ी घटनाओं ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। चाहे वह डोनाल्ड ट्रंप की सत्ता में वापसी हो या इजरायल-हमास की लड़ाई। इसके अलावा भारत-कनाडा का रिश्ता भी चर्चा का विषय बना रहा।
इन सबके बीच सबसे ज्यादा चर्चा डोनाल्ड ट्रंप की हुई। उन्होंने दोबारा राष्ट्रपति चुनाव जीता। अगले साल जनवरी में वह राष्ट्रपति पद की शपथ लेंगे। 78वर्षीय डोनाल्ड ट्रंप ने चुनाव में भारतीय मूल का कमला हैरिस को हरकार इतिहास रच दिया है।
ट्रंप ने रचा इतिहास
बता दें कि चार साल के अंतराल के बाद फिर से राष्ट्रपति चुनाव जीतने वाले डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका दूसरे नेता बन गए हैं। इससे पहले ये उपलब्धि ग्रोवर क्लीवलैंड के नाम था। अब डोनाल्ड ट्रंप ने 132साल इतिहास को दोहरा दिया है। अमेरिका के एक अधिकारी ने कहा कि भारत-अमेरिका के संबंध बेहद मजबूत स्थिति में हैं। उनका कहना है कि डोनाल्ड ट्रंप की सत्ता आने के बाद भारत-अमेरिका के रिश्ते मजबूत होंगे।
मोदी-ट्रंप की दोस्ती लाएगी रंग
पीएम मोदी ने ट्रंप को राष्ट्रपति चुनाव जीतने पर बधाई दी थी। उन्होंने कहा था कि ट्रंप भारत-अमेरिका के बीच समग्र वैश्विक एवं रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए तत्पर हैं। मोदी के राष्ट्रपति बाइडेन और ट्रंप दोनों के साथ संबंध अच्छे रहे हैं। बता दें कि, जून 2023और सितंबर 2024के बीच मोदी और बाइडेन दोनों ने एक दूसरे से मुलाकात की थी। साथ ही द्विपक्षीय वार्ता हुई थी।
ट्रंप के साथ रिश्ते और होंगे मजबूत
डोनाल्ड ट्रंप के कार्यकाल के दौरान भारत-अमेरिका के रिश्ते और मजबूत होंगे। ऐसा इसलिए क्योंकि, ट्रंप ने अपने प्रशासन में भारतीयों मूल के कई लोगों को शामिल किया है। सरकारी कार्यदक्षता विभाग के लिए विवेक रामास्वामी, एफबीआई के निदेशक के रूप में काश पटेल, नागरिक अधिकारों के लिए सहायक अटॉर्नी जनरल के रूप में हरमीत के. ढिल्लों राष्ट्रीय खुफिया निदेशक के रूप में तुलसी गब्बार्ड, , राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान के निदेशक के रूप में जय भट्टाचार्य और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर वरिष्ठ नीति सलाहकार के रूप में श्रीराम कृष्णन उन भारतीय-अमेरिकियों में शामिल हैं जिनके ट्रंप कैबिनेट में जगह दी गई है।
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