शंकराचार्य विवाद के बीच सीएम योगी की तल्ख टिप्पणी, कालनेमि से सावधान रहने की जरुरत

CM Yogi Adityanath : प्रयागराज के माघ मेले में शंकराचार्य से जुड़े हालिया विवाद के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने धर्म, राष्ट्र और सनातन पर तीखा और स्पष्ट संदेश दिया है। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा कि आज के समय में धर्म की आड़ लेकर सनातन धर्म को कमजोर करने की कोशिशें हो रही हैं और ऐसे लोगों से समाज को सतर्क रहने की जरूरत है।सीएम योगी ने ऐसे तत्वों को 'कालनेमि' करार देते हुए कहा कि ये लोग बाहर से धार्मिक दिखते हैं, लेकिन भीतर से धर्मविरोधी एजेंडे पर काम कर रहे हैं। सीएम योगी ने कहा कि एक योगी, संत या संन्यासी के लिए धर्म और राष्ट्र से बढ़कर कुछ नहीं होता। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि संन्यासी की कोई व्यक्तिगत संपत्ति नहीं होती, उसकी असली संपत्ति धर्म होता है और राष्ट्र ही उसका स्वाभिमान होता है।उन्होंने यह भी जोड़ा कि जो व्यक्ति धर्म के खिलाफ आचरण करता है, चाहे वह किसी भी रूप में क्यों न हो, उसे सनातन परंपरा का प्रतिनिधि नहीं माना जा सकता।
विवाद के बीच आया बड़ा बयान
सीएम योगी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब शंकराचार्य को अपने अनुयायियों के साथ रथ से मौनी अमावस्या पर स्थान करने जाने से रोकने के बाद बहस तेज है। हालांकि मुख्यमंत्री ने किसी व्यक्ति या संस्था का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके शब्दों को मौजूदा विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है। उनका संदेश यह था कि सनातन धर्म की रक्षा केवल परंपराओं से नहीं, बल्कि आचरण की शुद्धता से होती है।
धर्म आचरण में दिखना चाहिए
सीएम योगी ने यह भी कहा कि धर्म केवल वेश या शब्दों में नहीं, बल्कि आचरण में दिखाई देना चाहिए। उन्होंने समाज से अपील की कि धर्म के नाम पर फैलाए जा रहे भ्रम और दिखावे से सावधान रहें। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म ने हमेशा सत्य, संयम और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा है और इसी मार्ग पर चलना ही उसकी सच्ची सेवा है।
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