अमेरिका में भारतीयों के लिए बड़ी राहत, अब बिना भारत लौटे रिन्यू करवा सकेंगे H-1B वीजा

अमेरिका में भारतीयों के लिए बड़ी राहत, अब बिना भारत लौटे रिन्यू करवा सकेंगे H-1B वीजा

H1B Visas: अमेरिका में रह रहे भारतीय पेशेवरों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। अमेरिका ने 'एच-1बी' वीजा के नवीनीकरण के लिए शुरू किए गए पायलट प्रोजेक्ट को सफल बताया है। अब भारतीय पेशेवर अपने वीजा को बिना स्वदेश आए, अमेरिका में ही रिन्यू करा सकेंगे। यह कदम उन भारतीयों के लिए महत्वपूर्ण है, जो वीजा नवीनीकरण के लिए भारत लौटने में असुविधा का सामना कर रहे थे।

एच-1बी वीजा धारकों के लिए नई सुविधा

नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास के अनुसार, अमेरिका जल्द ही एक वीजा नवीनीकरण कार्यक्रम शुरू करने जा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत एच-1बी वीजा धारक अब बिना देश छोड़े अपने वीजा दस्तावेजों को रिन्यू करा सकेंगे। यह कदम भारतीय पेशेवरों और कामगारों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। पिछले कई वर्षों से भारतीय नागरिकों को वीजा नवीनीकरण के लिए स्वदेश लौटना पड़ता था, जो कई बार मुश्किलों का कारण बनता था।

पायलट प्रोजेक्ट की सफलता से शुरू हुआ बदलाव

अमेरिकी दूतावास ने एक बयान में बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के सफल समापन के बाद यह नया नवीनीकरण कार्यक्रम शुरू किया जा रहा है। इस पायलट कार्यक्रम के तहत हजारों भारतीय पेशेवरों का वीजा नवीनीकरण हुआ है। इसने अमेरिका में काम करने वाले भारतीयों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव की नींव रखी है।

एच-1बी वीजा पर राजनीतिक बहस

इस बीच, अमेरिका में एच-1बी वीजा को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है, खासकर अमेरिका के नए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के शपथ ग्रहण से कुछ सप्ताह पहले। डेमोक्रेट और रिपब्लिकन दोनों दलों के बीच इस वीजा को लेकर मतभेद सामने आ रहे हैं। हालांकि, ट्रंप ने इस वीजा का समर्थन किया है, और उनके दो करीबी सहयोगी, टेस्ला के मालिक एलन मस्क और उद्यमी विवेक रामास्वामी, भी एच-1बी वीजा के पक्षधर हैं। इन दोनों को ट्रंप द्वारा नए सरकारी विभागों के लिए नामित किया गया है।

एच-1बी वीजा, खासकर भारतीय पेशेवरों के लिए, विदेशी श्रमिकों और अमेरिकी रोजगार के मुद्दे पर चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है। ट्रंप समर्थकों का कहना है कि एच-1बी वीजा धारक अमेरिकी श्रमिकों की जगह ले रहे हैं और इससे पश्चिमी सभ्यता को खतरा हो सकता है। ऐसे में इस वीजा पर आने वाले दिनों में और अधिक बहस की संभावना है।

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