Weather Update: उत्तर भारत में पिछले लगभग 20 - 25 दिनों से लगातार पश्चिमी विक्षोभों की श्रृंखला आ रही थी, जिसका मुख्य प्रभाव सिर्फ पश्चिमी पंजाब, पश्चिमी हरियाणा तथा उत्तर एवं मध्य राजस्थान के इलाकों पर ही बना हुआ था। इस दौरान सबसे ज्यादा बारिश उत्तर और मध्य राजस्थान के इलाकों में हुई, जबकि बाकी इलाकों में हल्की बारिश की गतिविधियां देखने को मिलीं।
उत्तर-पूर्वी पंजाब, उत्तर-पूर्वी हरियाणा, दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश का बड़ा भाग तथा दक्षिणी राजस्थान के अधिकांश इलाके इन पश्चिमी विक्षोभों के असर से लगभग अछूते रहे। इन क्षेत्रों में तेज गर्मी, शुष्क मौसम और उमस बरकरार रही और इस दौरान किसी भी तरह की पश्चिमी विक्षोभ जनित बारिश नहीं हुई। बीच-बीच में हल्की-फुल्की बारिश जरूर हुई, लेकिन वह राहत नहीं दिला सकी।
फिलहाल अब मौसम बदल चुका है। अब पश्चिमी विक्षोभों की कड़ी टूट चुकी है और मानसून के आने का नगाड़ा बज चुका है, क्योंकि बंगाल की खाड़ी और अरब सागर, दोनों शाखाएं तेजी से मजबूत हो रही हैं। इसके कारण दोनों सागरों में चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र बनकर तैयार हो रहे हैं, जिनकी वजह से उत्तर और मध्य भारत में जल्द ही बड़े पैमाने पर हल्की से मध्यम बारिश तथा कुछ जगह भारी बारिश के साथ-साथ कहीं अति भारी बारिश भी संभव है।
मौसमी प्रणालियां
उत्तर भारत को इस समय एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ प्रभावित कर रहा है, जिसका असर सिर्फ पहाड़ी इलाकों तक ही सीमित है।
एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र मध्य प्रदेश पर सक्रिय है।
एक अन्य चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र महाराष्ट्र के पश्चिमी तटीय इलाकों में अरब सागर के ऊपर सक्रिय है।
बंगाल की खाड़ी में भी एक नया चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र अगले दो दिनों के भीतर बनने वाला है, जो धीरे-धीरे सक्रिय होते हुए मध्य भारत के बाद उत्तर भारत की ओर बढ़ेगा।
वहीं, मानसून Axis इस समय पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्रों तथा बिहार के तराई क्षेत्रों से होते हुए पश्चिम बंगाल और असम तक बनी हुई है।
इसी के साथ-साथ एक नया सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ 2 जुलाई को उत्तर भारत की ओर बढ़ेगा, जो मानसून की हवाओं के साथ मिलकर उत्तर भारत में बड़े पैमाने पर बारिश की गतिविधियां करेगा।
आगे का मौसम पूर्वानुमान
मानसून अब सक्रिय होने लग चुका है, जो अगले एक सप्ताह के दौरान मानसून की हवाओं के साथ-साथ पश्चिमी विक्षोभों के प्रभाव से और अधिक सक्रिय होगी। जिससे संपूर्ण उत्तर भारत में बारिश की गतिविधियां देखी जाएगी।
राज्यनुसार मौसम पूर्वानुमान:
जम्मू-कश्मीर हल्की से भारी बारिश का अलर्ट
राज्य के आज और कल जम्मू संभाग के इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां होंगी। कुछ जगह भारी बारिश भी संभव है, जबकि कश्मीर घाटी, गिलगित-बाल्टिस्तान तथा लद्दाख के इलाकों में मौसम लगभग साफ और आंशिक बादलों वाला बना रहेगा। कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है। राज्य में 1 जुलाई से लेकर 4 जुलाई के बीच बड़े पैमाने पर बारिश की गतिविधियाँ देखने को मिलेंगी। इस दौरान मानसून का आगाज भी पूरे राज्य में हो जाएगा।
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड कैसे रहेगा मौसम
दोनों राज्यों में आज और कल निचले पहाड़ी इलाकों और तलहटी भागों में कई जगह हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियाँ होंगी। कुछ जगह भारी बारिश भी संभव है।
जैसे ही अगला सिस्टम, यानी पश्चिमी विक्षोभ आएगा, तो 2 से 5 जुलाई के बीच दोनों राज्यों में बड़े पैमाने पर बारिश की गतिविधियाँ बढ़ जाएगी। इस दौरान दोनों राज्यों में कई जगह मध्यम से भारी तथा कहीं-कहीं अति भारी बारिश भी संभव है।
पंजाब और चंडीगढ़ में मौसम का हाल
राज्य में आज सुबह से ही उत्तर-पूर्वी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश जारी है, जो आने वाले दिनों में और बढ़ेगी। कल भी राज्य के उत्तर-पूर्वी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होगी। कुछ जगह भारी बारिश भी संभव है। 1 जुलाई से नए पश्चिमी विक्षोभ के असर से राज्य के लगभग सभी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होगी और कुछ जगह भारी बारिश भी संभव है। पंजाब में भारी बारिश का यह सिलसिला 5 जुलाई तक जारी रहेगा। मॉनसून अगले 4 दिनों के अंदर चंडीगढ़ और पंजाब में दस्तक देने वाला है।
हरियाणा और दिल्ली होगी भारी बारिश
हरियाणा में जल्द ही बड़े पैमाने पर मानसून की बारिश दर्ज होने वाली है। हालांकि आज और कल पश्चिमी हरियाणा और मध्य हरियाणा में मौसम लगभग साफ, तेज गर्मी और उमस वाला रहेगा। इस दौरान सिर्फ कहीं-कहीं हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है, जबकि उत्तर और पूर्वी हरियाणा के जिलों में आज और कल बिखरे तौर पर हल्की से मध्यम बारिश होगी। कुछ जगह भारी बारिश भी हो सकती है। लेकिन ताजा WD के कारण 1 जुलाई से लेकर 5 जुलाई के बीच पूरे हरियाणा में लगभग हर रोज झमाझम बारिश की गतिविधियाँ होगी और गर्मी से राहत मिलेगी। इस दौरान मानसून पूरे हरियाणा को कवर कर लेगा। दिल्ली में भी इसी अवधि के दौरान बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होगी। बारिश का मुख्य प्रभाव उत्तर और पूर्वी हरियाणा के जिलों पर रहेगा।
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राजस्थान में हो सकती है हल्की बारिश
जून के महीने में सबसे ज्यादा बारिश लेने वाला राजस्थान अब कई दिनों तक शुष्क मौसम की चपेट में रहने वाला है। हालांकि, यह शुष्क दौर ज्यादा दिन नहीं चलेगा। राज्य के पश्चिमी, उत्तर और मध्य जिलों में आज, कल और परसों मौसम लगभग साफ, तेज गर्मी और उमस वाला रहेगा। इस दौरान कहीं-कहीं हल्की-फुल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है, मगर बड़े पैमाने पर बारिश नहीं होगी। जबकि दक्षिण-पूर्वी राजस्थान और पूर्वी राजस्थान के जिलों में बिखरे तौर पर हल्की बारिश होगी। कुछ जगह तेज बारिश भी संभव है।
1 जुलाई को आ रहे ताजा पश्चिमी विक्षोभ के असर से राज्य के उत्तर-पूर्वी व पूर्वी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां बढ़ेगी। साथ ही मध्य प्रदेश पर बने सक्रिय चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र के प्रभाव से दक्षिण-पूर्वी जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधिया दर्ज की जाएगी। अगले दो दिनों के भीतर दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में मानसून की एंट्री भी संभव है। 2 जुलाई से लेकर 6 जुलाई के बीच लगभग पूरे राजस्थान में, सिर्फ जैसलमेर, पश्चिमी बीकानेर और फलोदी को छोड़कर, सभी जगह अच्छी मानसूनी बारिश होगी। इन जिलों में फिलहाल केवल हल्की बारिश की ही संभावना है। हालांकि, समय के साथ स्थिति बदल सकती है।
उत्तर प्रदेश में अच्छी बारिश के साथ मानसून का आगाज
यूपी में पूरे जून महीने में लगभग शुष्क मौसम देखने के बाद राज्य में आखिरकार मानसून के दिन शुरू हो चुके हैं। आज राज्य के पूर्वी जिलों में हुई अच्छी बारिश के साथ मानसून का आगाज संभव है, जिसकी आधिकारिक घोषणा भारतीय मौसम विभाग (IMD) द्वारा की जाएगी। आज और कल उत्तर प्रदेश की पूरी तराई बेल्ट तथा पूर्वांचल के जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होगी। कुछ जगह भारी बारिश भी संभव है।
यूपी के पश्चिमी जिलों, खासकर गंगा और यमुना के दोआब वाले क्षेत्रों में आज और कल बिखरे तौर पर हल्की बारिश की गतिविधियाँ होंगी। फिलहाल 2 दिन बड़े पैमाने पर बारिश की संभावना नहीं है। लेकिन 1 जुलाई को ताजा पश्चिमी विक्षोभ के असर से राज्य के सभी जिलों को कवर करते हुए मानसून आगे बढ़ेगा। साथ ही बड़े पैमाने पर बारिश पश्चिमी उत्तर प्रदेश, अवध, बुंदेलखंड तथा पूर्वांचल के सभी जिलों में देखने को मिलेगी। 1 जुलाई से 6 जुलाई के बीच उत्तर प्रदेश का हर एक कोना मूसलाधार बारिश के बीच भीगेगा। राज्य में सबसे ज्यादा बारिश तराई क्षेत्र, अवध, बुंदेलखंड तथा पूर्वांचल के जिलों में देखने को मिलेगी।
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मध्य प्रदेश में मौसम हुआ सुहाना
मध्य प्रदेश में वैसे तो मानसून का आगाज हो चुका है और दक्षिणी जिलों में हर रोज लगातार कई दिनों से बड़े पैमाने पर हल्की से मध्यम बारिश हो रही है। कुछ जगह भारी बारिश भी दर्ज की जा रही है, लेकिन यह बारिश की गतिविधियां आगे भी कई दिनों तक जारी रहेंगी, क्योंकि बंगाल की खाड़ी से एक और नया सक्रिय चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बनकर राज्य की तरफ बढ़ेगा। आज से 2 जुलाई तक राज्य के लगभग सभी जिलों में बड़े पैमाने पर हल्की से मध्यम बारिश होगी। कुछ जगह भारी बारिश के साथ-साथ कहीं अति भारी बारिश भी संभव है। हालांकि, चंबल, ग्वालियर, सागर तथा उज्जैन संभाग के जिलों में बारिश की गतिविधियाँ अपेक्षाकृत कमजोर और हल्की रहने वाली हैं। मगर 2 जुलाई से बाकी मध्य प्रदेश में बारिश में कुछ कमी आएगी, जबकि इन संभागों के जिलों में बारिश में बढ़ोतरी होगी। 2 जुलाई से 6 जुलाई के बीच इन संभागों में बड़े पैमाने पर मध्यम से भारी बारिश की गतिविधिया दर्ज की जाएगी। कुछ जगह अति भारी बारिश भी संभव है।
जुलाई में दस्तक देगा चक्रवाती तूफान
बंगाल की खाड़ी 2 जुलाई को एक नया चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बनाकर मध्य भारत की तरफ भेजेगी, जो लगभग 6 से 7 जुलाई तक मध्य भारत पर पहुंच जाएगा। इसके असर से बिहार, झारखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बुंदेलखंड, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र तथा दक्षिण-पूर्वी राजस्थान में बड़े पैमाने पर मध्यम से भारी बारिश होगी।
वहीं, उत्तर भारत में 7 जुलाई के आसपास एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी आ सकता है। यदि यह बंगाल की खाड़ी से आने वाले चक्रवाती हवाओं के क्षेत्र के साथ मिल जाता है, तो पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में एक बार फिर भारी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।