Uttrakhand News:करीब आठ दशक से लंबित किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना को अब निर्णायक गति मिली है। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में नई दिल्ली के कर्तव्य भवन में हुई महत्वपूर्ण बैठक में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली के बीच परियोजना के क्रियान्वयन को लेकर समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस समझौते को ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि किशाऊ परियोजना की परिकल्पना वर्ष 1940 में की गई थी। लंबे समय से विभिन्न कारणों से अटकी इस परियोजना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अब आगे बढ़ाया जा रहा है।
422 मेगावाट बिजली का होगा उत्पादन
किशाऊ परियोजना को राष्ट्रीय महत्व की बहुउद्देशीय परियोजना बताते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि इससे करीब 1562 MCM क्षमता का जलाशय बनेगा। परियोजना से 422 मेगावाट विद्युत उत्पादन की क्षमता विकसित होगी। इसका लाभ उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के अलावा उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान सहित अपर यमुना बेसिन के राज्यों को मिलेगा।
परियोजना का उद्देश्य सिर्फ बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं है। इससे जल सुरक्षा, सिंचाई, पेयजल उपलब्धता और यमुना के पुनर्जीवीकरण को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
प्रभावित परिवारों का पुनर्वास प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना के निर्माण से प्रभावित होने वाले परिवारों का उचित और सम्मानजनक पुनर्वास उत्तराखंड सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। सरकार प्रभावित परिवारों के हितों का संरक्षण सुनिश्चित करने के लिए संवेदनशीलता के साथ काम करेगी।
2500 हेक्टेयर वन भूमि बनेगी चुनौती
किशाऊ परियोजना के लिए करीब 2500 हेक्टेयर वन भूमि के हस्तांतरण की आवश्यकता होगी। इसके चलते क्षतिपूरक वनीकरण के लिए भी बड़ी मात्रा में भूमि की जरूरत पड़ेगी। मुख्यमंत्री धामी ने केंद्र सरकार और सहभागी राज्यों से उत्तराखंड को क्षतिपूरक वनीकरण के लिए आवश्यक भूमि चिन्हित करने में सहयोग देने का अनुरोध किया।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड पर्यावरण संरक्षण और विकास के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और परियोजना से जुड़े सभी पर्यावरणीय एवं वन संबंधी नियमों का पालन किया जाएगा।
अंतरराज्यीय सहयोग का उदाहरण
मुख्यमंत्री ने किशाऊ परियोजना को सहकारी संघवाद और अंतरराज्यीय सहयोग का महत्वपूर्ण उदाहरण बताया। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र और सभी सहभागी राज्य सरकारों के समन्वय से परियोजना को समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारा जाएगा।
सीएम धामी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर, केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल समेत सभी सहभागी राज्यों के मुख्यमंत्रियों और अधिकारियों का आभार जताया।
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