Uttarakhand News: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री शिविर कार्यालय से पड़ोसी देश नेपाल के आपदा प्रभावित लोगों के लिए आवश्यक राहत सामग्री ले जा रहे वाहनों के काफिले को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। राहत सामग्री से युक्त यह खेप हिमालयी देश में हाल ही में आई प्राकृतिक आपदाओं के बाद जूझ रहे परिवारों की सहायता के लिए भेजी गई है।
इस दौरान सीएम धामी ने कहा कि नेपाल के साथ हमारा गहरा रिश्ता है। वहां आई आपदा बहुत दुखद है और इसने हमारे बीच एकजुटता की भावना को और मजबूत किया है। वहां की तस्वीरें और लोगों की बातें सुनकर हम भावुक हो गए हैं और इस मुश्किल समय में हर कोई नेपाल के साथ खड़ा है। प्रधानमंत्री मोदी ने तुरंत नेपाल के प्रधानमंत्री से बात की, बचाव दल भेजे और उन्हें हमारी तरफ से हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। चूंकि उत्तराखंड की सीमा नेपाल से लगती है और इस इलाके के कई लोगों के रिश्तेदार और सांस्कृतिक संबंध वहां हैं इसलिए मदद के लिए यहां से भी एक टीम भेजी गई है। वे वहां लगभग 8 से 10 दिनों तक रहेंगे और तुरंत राहत पहुंचाने के लिए काफी मात्रा में फंड साथ ले जा रहे हैं। आगे चलकर, वहां के हालात के बारे में उनकी रिपोर्ट के आधार पर, हम हर तरह की जरूरी मदद पहुंचाएंगे।
आपको बता दें कि नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीआरआरएमए) द्वारा जारी नवीनतम जानकारी के अनुसार, नेपाल में विनाशकारी बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,410 हो गई है, जबकि 6,145 लोग अभी भी लापता हैं। प्रभावित जिलों में बचाव, राहत और पुनर्वास अभियान जारी हैं।
एनडीआरआरएमए द्वारा गुरुवार को जारी जानकारी के अनुसार, मृतकों में 549 पुरुष, 336 महिलाएं और 525 अज्ञात मानव अवशेष शामिल हैं। सबसे अधिक मौतें चितवन से दर्ज की गईं, जहां 364 लोगों की मौत हुई। इसके बाद नवलपरासी पूर्व में 232, नवलपरासी पश्चिम में 222, नुवाकोट में 203 और रसुवा में 199 लोगों की मौत हुई।