Uttarakhand News: राजधानी दिल्ली में आयोजित नीति आयोग की बैठक में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिमालयी राज्यों के लिए विशेष सहायता और अलग विकास नीति की जोरदार पैरवी की। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड समेत सभी पर्वतीय राज्यों की भौगोलिक परिस्थितियां, जलवायु संबंधी चुनौतियां और विकास की जरूरतें मैदानी राज्यों से पूरी तरह अलग हैं, इसलिए इनके लिए विशेष प्रावधान और अलग दृष्टिकोण अपनाया जाना आवश्यक है।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने ग्लोबल वार्मिंग, जलवायु परिवर्तन और लगातार बढ़ रही प्राकृतिक आपदाओं का मुद्दा उठाते हुए कहा कि हिमालयी क्षेत्र पर्यावरणीय दृष्टि से बेहद संवेदनशील हैं। ऐसे में इन राज्यों के सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण के लिए केंद्र सरकार को विशेष योजनाएं और अतिरिक्त वित्तीय सहायता उपलब्ध करानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड केवल एक पर्वतीय राज्य ही नहीं, बल्कि देश की आस्था का भी प्रमुख केंद्र है। हर वर्ष राज्य अपनी आबादी से कई गुना अधिक श्रद्धालुओं और पर्यटकों का स्वागत करता है, जिससे आधारभूत ढांचे, यातायात, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य संसाधनों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसके बावजूद राज्य सरकार बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में उत्तराखंड महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से उत्तराखंड विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा और हिमालयी राज्यों की विशेष जरूरतों को राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा में उचित स्थान मिलेगा।