‘NEP’ का ‘मनोहर’ आगाज हरियाणा बनेगा सरताज ! ...
‘किसान आंदोलन’ से ‘किसान संसद’ तक… ...
21वीं सदी में भारतीय महिलाओं का खेल में बेहतरीन प्रदर्शन देखने को मिला। महिलाओं ने भारतीय खेलों में जमकर भागीदारी की और अपनी दुनिया में एक नई पहचान बनाई। ...
फरमान -ए- किसान... ‘मंत्री जी’ दें ध्यान ...
अब खुलेंगे प्राइमरी स्कूल ? ...
नई दिल्ली. कोरोना काल के बीच मौसमी बिमारियों लोगों के लिए आफत बन गई है. मानसून के मौसम लोगों जुकाम-खांसी, बुखार की चपेट में आ जाते हैं. जिससे उनकी इम्युनिटी पर भी फर्क पड़ रहा है और फिर उन्हें कोरोना का भी डर सता रहा है. लेकिन अब आपको घबराने की जरूरत नहीं है. इस बार आप बदलते मौसम के साथ आने वाली बीमारी जैसे की खांसी-जुकाम और बुखार आदि को मात दे सकते हैं. ...
नई दिल्ली: आज पूरा विश्व अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस मना रहा है. हर वर्ष 26 जून को अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस मनाया जाता है. आज देश ही नहीं दुनियाभर के युवा बड़ी तेजी से नशे की गिरफ्त में फंसते जा रहे हैं. नशा, एक ऐसी बीमारी है जो कि युवा पीढ़ी को लगातार अपनी चपेट में ले रहा है. शराब, सिगरेट, तम्बाकू एवं ड्रग्स जैसे जहरीले पदार्थों का सेवन कर युवा वर्ग का एक बड़ा हिस्सा नशे का शिकार हो रहा है. देश की युवा पीढ़ी अगर गलत रास्ते चले जाए तो निश्चित तौर पर देश का भविष्य अंधकार के गर्त में चला जाएगा. ...
नई दिल्ली: भारतीय संस्कृति में कबीर दास को कौन नहीं जानता है. 'ढाई आखर प्रेम का पढ़े सो पंडित होय' का संदेश देने वाले कबीर समाज को नई दिशा देने वाले संत थे. आज पूरा देश कबीर दास की जंयति मनाई जा रही है. आज 24जून को जेष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को कबीर जयंती मनाई जा रही है. कबीर दास का जन्म 1398 (संवत 1455) में माना जाता है. तब हर तरफ सर्वत्र धार्मिक कर्मकांड और पाखंड का बोलबाला था. उन्होंने इस पाखंड के खिलाफ अपनी आवाज उठाई और लोगों में भक्ति भाव का बीज बोया. उनके दोहों ने हमेशा उन्नति का मार्ग खोला है और बेहतर समाज के लिए सही ज्ञान दिया है. सन् 1518 (संवत 1575) माघ शुक्ल पक्ष, तिथि एकादशी को कबीर साहेब ने इस लोक से शरीर का त्याग किया. ...
नई दिल्ली: हम सभी जानते है कि संगीत का हमारे जीवन में कितना महत्व रखता है. संगीत तब हमारे सुख-दुख का साथी है. हमारी भावनाओं का इजहार का भी माध्यम भी संगीत है. इसके साख ही संगीत सुनने से सुकून का अहसास होता है. डॉक्टरों के द्वारा भी कहा जाता है कि संगीत सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है. डॉक्टरों के द्वारा में अवसाद और निराशा से घिरे मरीजों को बाहर निकालने के लिए संगीत थेरेपी दी जाती है. डॉक्टरों का मानना है कि यह एक कारगर दवा साबित हुई है. संगीत के महत्वों को समझते हुए आज पूरा विश्व 21 जून को संगीत दिवस मना रहा है. ...
नहीं रहे भारत के ‘उड़न सिख’ मिल्खा सिंह एक नजर 'मिल्खा सिंह' की जिंदगी पर... ...