जंगल में चल रहा था सर्च ऑपरेशन तभी हुए आईडी धमाके, डीआरजी के दो जवान हुए घायल

जंगल में चल रहा था सर्च ऑपरेशन तभी हुए आईडी धमाके, डीआरजी के दो जवान हुए घायल

IED Blast In Chattisgarh: छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में नक्सलियों ने एक बार फिर दुस्साहस किया है। शुक्रवार यानी 20 दिसंबर को नक्सलियों ने आईडी धमाका कर दिया। जिसमें दो जवान घायल हो गए। नक्सलियों ने धमाका उस वक्त किया, जब सुरक्षाबल इलाके में चेंकिंग अभियान चला रहे थे। पुलिस अधिकारियों ने घटना के बारे में जानकारी दी है। 

पुलिस अधिकारी ने कहा कि यह घटना सुबह साढ़े आठ बजे कोहकामोटा थाना क्षेत्र के कच्चापाल गांव में हुई। घटना उस वक्त हुई जब डीआरपी और सीमा सुरक्षा बल की एक संयुक्त टीम तलाशी अभियान चला रही थी। सर्च अभियान कच्चापाल पुलिस शिविर से शुरू किया गया था।    

नक्सलियों ने किया आईडी ब्लास्ट

जब गश्ती दल कच्चापाल के पास एक वन क्षेत्र की घेराबंदी कर रहा था, तभी नक्सलियों ने आईईडी विस्फोट कर दिया। जिससे चलते डीआरजी के कांस्टेबल जनक पटेल और घासीराम मांझी घायल हो गए। उन्होंने बताया कि घायल जवानों को नारायणपुर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हालांकि, उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।

कुछ महीनों पहले दो जवान हो गए थे शहीद           

बता दें कि इसी साल अक्टूबर, 2024 में नक्सली द्वारा किए गए धमाकों में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल के दो जवान शहीद हो गए थे। नक्सलियों ने अबूझमाड़ में नक्सल विरोधी तलाशी अभियान से लौट रही था, उसी वक्त इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस यानी आईईडी विस्फोट किया गया था। दोनों जवानों की पहचान महाराष्ट्र के सतारा के रहने वाले 36 वर्षीय अमर पंवार और आंध्र प्रदेश के कडप्पा के रहने वाले 36 वर्षीय के राजेश के रूप में की गई थी।   

पहले भी हुई मुठभेड़                         

इससे पहले 12 दिसंबर को भी छत्तीसगढ़ के बीजापुर में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। इस मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने एक नक्सली का खात्मा कर दिया था। वहीं, आईईडी की चपेट में आने से डीआरजी के दो जवान घायल हो गए थे। घटनास्थल से पुलिस ने नक्सलियों के कई सामान बरामद किए थे। बता दें कि ये मुठभेड़ गंगालूर थाना क्षेत्र के मुनगा के जंगल में हुई थी।

Leave a comment