Sawan 2026: सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। इस साल सावन की शुरुआत हो चुकी है और शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। धार्मिक मान्यताओं के साथ-साथ वैदिक ज्योतिष भी इस महीने को बेहद खास मानता है। ज्योतिष के अनुसार हर राशि का स्वामी ग्रह अलग होता है और उसी के अनुसार पूजा-पाठ और उपाय करने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त हो सकती है। हिंदू धर्म में सावन का महत्व समुद्र मंथन की कथा से जुड़ा हुआ है। मान्यता है कि समुद्र मंथन के दौरान निकले विष 'हलाहल' से पूरी सृष्टि पर संकट आ गया था। तब भगवान शिव ने इस विष को पीकर अपने कंठ में धारण कर लिया। विष के प्रभाव से उनका कंठ नीला पड़ गया और उन्हें नीलकंठ कहा जाने लगा। इसके बाद देवताओं ने भगवान शिव को शीतलता देने के लिए उनके ऊपर जल चढ़ाया। तभी से सावन में शिवलिंग पर जलाभिषेक करने की परंपरा चली आ रही है।
सोमवार को क्यों माना जाता है शुभ दिन
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन में शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करना बेहद शुभ माना जाता है। यह भगवान शिव के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता का प्रतीक है। खासतौर पर सावन के सोमवार, जिन्हें सावन सोमवारी कहा जाता है, पूजा, व्रत और भगवान शिव के मंत्रों के जाप के लिए सबसे शुभ दिन माने जाते हैं। वैदिक ज्योतिष के अनुसार हर राशि का स्वामी ग्रह अलग होता है और उसी के अनुसार पूजा करने से अच्छे परिणाम मिलने की मान्यता है। माना जाता है कि राशि के अनुसार मंत्रों का जाप, बेलपत्र अर्पित करना, जलाभिषेक करना और दान-पुण्य करने से पूजा का फल अधिक मिलता है। इससे व्यक्ति के जीवन में आने वाली परेशानियां कम होती हैं और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है।
क्या कहता है ज्योतिष शास्त्र?
ज्योतिष शास्त्र में भगवान शिव को चंद्रमा, शनि और राहु जैसे ग्रहों के अशुभ प्रभाव को शांत करने वाला देवता भी माना गया है। इसलिए जिन लोगों की कुंडली में इन ग्रहों की स्थिति कमजोर या अशुभ होती है, उन्हें सावन के महीने में भगवान शिव की विशेष पूजा करने की सलाह दी जाती है। इससे मानसिक तनाव कम होने, बाधाएं दूर होने और सकारात्मक ऊर्जा मिलने की मान्यता है। धार्मिक विद्वानों का कहना है कि सावन में सच्चे मन से भगवान शिव की आराधना, व्रत, मंत्र जाप और जरूरतमंदों की सहायता करने से जीवन में सुख, शांति और सफलता का मार्ग खुलता है। इसलिए इस पवित्र महीने में श्रद्धा और नियम के साथ शिव भक्ति करने का विशेष महत्व माना गया है।
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