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Kedarnath Yatra 2026: बाबा केदारनाथ धाम में भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, वरना पुण्य की जगह मिलेंगे कष्ट

Kedarnath Yatra 2026: बाबा केदारनाथ धाम में भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, वरना पुण्य की जगह मिलेंगे कष्ट

Kedarnath Yatra Niyam: केदारनाथ धाम के कपाट आज 22 अप्रैल 2026 को खुल गए हैं। लाखों श्रद्धालु इस पावन यात्रा की तैयारी में जुटे हैं। उत्तराखंड सरकार और केदारनाथ मंदिर समिति ने इस बार सुरक्षा, स्वास्थ्य और मर्यादा को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ऐसे में कई यात्री छोटी-छोटी गलतियों के कारण यात्रा के दौरान परेशानी झेलते हैं और आध्यात्मिक लाभ भी कम हो जाता है। बता दें, केदारनाथ यात्रा में 16-18 किलोमीटर की कठिन चढ़ाई, ऊंचाई (लगभग 3,583 मीटर) और अप्रत्याशित मौसम को देखते हुए इन 5 बड़ी गलतियों से बचना बहुत जरूरी है।

1. रजिस्ट्रेशन न करना या गलत विवरण भरना

सबसे बड़ी गलती है बिना रजिस्ट्रेशन के यात्रा शुरू करना। उत्तराखंड सरकार की वेबसाइट (registrationandtouristcare.uk.gov.in) पर ऑनलाइन या काउंटर पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। इसके अलावा आधार या पासपोर्ट विवरण गलत भरने पर सोनप्रयाग या आगे के चेकपॉइंट पर रोका जा सकता है। बिना QR कोड के दर्शन भी मुश्किल हो जाते हैं।

2. शारीरिक फिटनेस की तैयारी न करना

केदारनाथ ट्रेक ऊंचाई और खड़ी चढ़ाई वाला है। कई यात्री बिना अभ्यास के निकल पड़ते हैं, जिससे सांस फूलना, चक्कर आना जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। यात्रा से कम से कम 15-30 दिन पहले रोजाना वॉकिंग, योग और हल्का व्यायाम शुरू करें। 60 वर्ष से ज्यादा उम्र या बीमार यात्रियों को डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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3. मौसम को हल्के में लेना

केदारनाथ में मौसम एक पल में बदल जाता है। दोपहर में धूप हो तो शाम को बर्फबारी या तेज बारिश हो सकती है। बिना रेनकोट, वॉटरप्रूफ जैकेट, वूलन कपड़ों और अच्छे ट्रेकिंग शूज के निकलना खतरनाक है। कई बार यात्रियों को बीच रास्ते में ठहरना पड़ जाता है। हमेशा मौसम पूर्वानुमान चेक करें और सुबह जल्दी (4-6 बजे) ट्रेक शुरू करें।

4. भारी सामान लेकर जाना

ट्रेक पर भारी बैग ढोना थकान बढ़ाता है और पुण्य के बजाय कष्ट ज्यादा होता है। केवल जरूरी सामान (पानी की बोतल, हल्का स्नैक्स, दवाइयां, पावर बैंक, टॉर्च) ही साथ रखें। पॉनी/पालकी की व्यवस्था सोनप्रयाग से ही करें।

5. मंदिर में मर्यादा और पर्यावरण का ध्यान न रखना

दर्शन के बाद भी कई यात्री मोबाइल फोटो-वीडियो बनाने, शोर मचाने या मंदिर परिसर में प्लास्टिक कचरा फेंकने जैसी गलतियां करते हैं। मंदिर में शालीनता बनाए रखें, गर्भगृह में मोबाइल प्रतिबंधित है और कचरा अपने साथ वापस लाएं। पर्यावरण प्रदूषित करने से आध्यात्मिक लाभ भी कम हो जाता है।

यात्रा से पहले ये जरूर करें

1. स्वास्थ्य जांच कराएं और दवाइयां साथ रखें।

2. होटल, हेलीकॉप्टर सेवा और परिवहन पहले से बुक करें।

3. वैध आईडी प्रूफ और प्रिंटेड QR पास साथ रखें।

4. सोनप्रयाग में बायोमेट्रिक या चेकिंग के लिए समय दें।

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