Haryana News: हरियाणा के रोहतक में कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह ने महिला आरक्षण (नारी वंदन अधिनियम) को लेकर केंद्र की BJP सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने बिल को जानबूझकर उलझाने का काम किया और समय रहते लागू नहीं किया।
हुड्डा ने कहा कि महिला आरक्षण की शुरुआत Indian National Congress ने की थी। 1996 में कांग्रेस यह बिल लेकर आई थी, लेकिन उस समय पास नहीं हो पाया। इसके बाद 2023 में यह बिल सर्वसम्मति से पास हुआ, फिर भी सरकार ने इसे 2024 में लागू नहीं किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हुए हुड्डा ने कहा कि सरकार ने इस बिल को जानबूझकर जनगणना और परिसीमन से जोड़कर उलझाया।
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उन्होंने सवाल उठाया, “अगर 2011 की जनगणना के आधार पर ही करना था, तो 2023 में ही लागू क्यों नहीं किया गया?” उनके अनुसार, सरकार की मंशा साफ नहीं है और वह केवल राजनीतिक फायदा उठाने के लिए इस मुद्दे को टाल रही है। हुड्डा ने कहा कि सर्वसम्मति से यह बिल पास हुआ था। हुड्डा ने स्पष्ट किया कि महिला आरक्षण बिल का किसी भी पार्टी ने विरोध नहीं किया था। उन्होंने कहा, “2023 में यह बिल सर्वसम्मति से पास हुआ था, फिर कांग्रेस को महिला विरोधी बताना पूरी तरह गलत है।
सैनी के बयान पर किया पलटवार
मुख्यमंत्री नायब सैनी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस ने कभी भी महिला आरक्षण का विरोध नहीं किया। उन्होंने कहा, “अगर 1996 में ही यह बिल पास हो जाता, तो महिलाओं को बहुत पहले ही अधिकार मिल जाते। हुड्डा ने बीजेपी पर राजनीतिक मकसद का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण बिल को लेकर सरकार सिर्फ राजनीति कर रही है और चुनावी राज्यों को ध्यान में रखकर फैसले ले रही है।