Kotputli Rescue: बोरवेल में फंसी बच्ची के रेस्क्यू के लिए 'रैट माइनर्स' को बुलाया गया, उत्तराखंड टनल हादसे में दिखा चुके कमाल

Kotputli Rescue: बोरवेल में फंसी बच्ची के रेस्क्यू के लिए 'रैट माइनर्स' को बुलाया गया, उत्तराखंड टनल हादसे में दिखा चुके कमाल

Kotputli Borewell Rescue: राजस्थान के कोटपुतली जिले के बड़ियाली गांव में बोरवेल में गिरी 3 साल की चेतना अब भी फंसी हुई है।  पिछले 65 घंटे से बोरवेल में फंसी बच्ची का रेस्क्यू करने को लेकर अब तक हर कोशिश नाकाम रही है। बताया जा रहा है कि बोरवेल में फंसी चेतना की पिछले 24 घंटे से कोई हलचल कैमरे में कैद नहीं हो पाई है। वहीं, बच्ची के रेस्क्यू के लिए अब उत्तराखंड टनल का रेस्क्यू करने वाली टीम को बुलाया गया है।

मिली जानकारी के अनुसार, रेस्क्यू टीम दो प्लान के साथ रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है। प्लान ए के तहत टीम चेतना को हुक और हैंगर के माध्यम से निकाल रही है। तो वहीं, प्लान बी के तहत बोरवेल के सामांतर एक गड्ढा खोदने का काम चल रहा था। जिसे फिलहाल रोक दिया गया है। बता दें, सीसीटीवी के जरिए चेतना के मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है। 

रेस्क्यू में देरी से परिवार ख़फ़ा

इस घटना के दूसरे दिन शाम को जेसीबी से बोरवेल के पास गड्डे की खुदाई का काम शुरु हुआ। जिससे रेस्क्यू में देरी हुई। इससे चेतना का परिवार ख़फ़ा है। चेतना के दादा हरसाया चौधरी ने आरोप लगाया कि खुदाई के काम में देरी की गई है। उनका कहना है कि पायलिंग मशीन भी अब मंगवाई गई है। चौधरी ने कहा कि पहले‌ प्रशासन कहा रहा था मिट्टी गिर गई हटा रहे हैं और अब गड्ढा खोदने की बात कर रहे हैं।

बच्ची को बचाने के लिए कोशिश जारी

कोटपुतली उपखंड अधिकारी ब्रजेश चौधरी ने बताया कि क्षेत्र के बड़ियाली गांव में बोरवेल में गिरी बच्ची का रेस्क्यू कर उसे बचाने के लिए पूरी कोशिश की जा रही है। इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से उत्तराखंड टनल का रेस्क्यू करने वाली रेट माइनर्स टीम को मौके पर बुलाया गया है। इस टीम की ओर से सुरंग खोदी जाएगी, ताकि बच्ची को बाहर निकाला जा सके।

खेलते समय बोरवेल में गिरी

बता दें, घर के बाहर खेलते समय तीन साल की मासूम चेतना का पैर फिसल गया था, जिससे वो बोरवेल में गिर गई थी। घटना की सूचना पर जयपुर से एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें पहुंची। साथ ही देशी जुगाड़ के जरिए बच्ची का रेस्क्यू भी शुरू किया गया, लेकिन अभी तक सारी कोशिश नाकाम रही।  

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