Punjab News: पंजाब के बरनाला के राधा रानी कॉलोनी के रहने वाले पूर्व सैनिक बूटा सिंह और उनके परिवार पर उस समय दुखों का पहाड़ टूट पड़ा, जब उन्हें अपने छोटे बेटे, 22 वर्षीय अग्निवीर फौजी जशनप्रीत सिंह की सेना में ड्यूटी के दौरान मौत होने की खबर मिली। इस घटना ने जहां परिवार को झकझोर कर रख दिया है, वहीं पूरे इलाके में भी शोक की लहर है।
इस मौके पर अग्निवीर फौजी जशनप्रीत के पिता बूटा सिंह और बड़े भाई फौजी अर्शदीप सिंह सहित टिंकू सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि 22 वर्षीय जशनप्रीत सिंह के परिवार में दो भाई थे। पहले पिता बूटा सिंह 19 साल सेना में सेवा दे चुके हैं और बड़ा भाई अर्शदीप सिंह भी वर्तमान में सेना में अपनी ड्यूटी निभा रहा है। इस प्रकार परिवार में तीन फौजी थे। देश सेवा के जज्बे के साथ जशनप्रीत सिंह भी अपनी 12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद डेढ़ साल पहले अग्निवीर के रूप में सेना में भर्ती हुआ था। इस दुखद घटना के बाद परिवार ने मांग करते हुए कहा कि जशनप्रीत सिंह की मौत सेना की ड्यूटी के दौरान ट्रेनिंग के समय हार्ट अटैक के कारण हुई है, इसलिए उसे 'शहीद' का दर्जा दिया जाना चाहिए।
आपको बता दें कि जशनप्रीत की यूपी के फतेहगढ़ में ट्रेनिंग चल रही थी। परिवार के सदस्यों ने बताया कि उन्हें सेना के अधिकारियों द्वारा जशनप्रीत सिंह के साथ घटी इस घटना की जानकारी मिली, जिसके बाद परिवार में माहौल गमगीन हो गया। इस दुखद घटना ने जहाँ परिवार को तोड़ कर रख दिया है, वहीं इलाके और बरनाला के लोग भी परिवार के साथ अपनी संवेदनाएं व्यक्त कर रहे हैं।
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परिवार के सदस्यों और बरनाला के निवासियों द्वारा 22 वर्षीय जशनप्रीत सिंह की मौत पर उसे शहीद का दर्जा देने की मांग लगातार की जा रही है। अगर माता-पिता की बात करें, तो जशनप्रीत सिंह के पिता बूटा सिंह, माता चरणजीत कौर और बड़े भाई अर्शदीप सिंह का रो-रोकर बुरा हाल है। माता चरणजीत कौर ने भावुक होते हुए कहा कि किसी का बेटा भी अपनी मां से अलग न हो, उन्हें अपने बेटे के जाने का बेहद गहरा दुख है।
जहां परिवार और इलाके में शोक की लहर है, वहीं आज सैन्य टुकड़ी द्वारा धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार और सेना की परंपरा के तहत उसे सलामी दी जाएगी। इस घटना पर अभी तक सेना के अधिकारियों का कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है और न ही कोई मेडिकल रिपोर्ट आई है। मेडिकल रिपोर्ट और सेना के अधिकारियों के बयान के बाद ही मौत के असली कारणों का पूरी तरह पता चल सकेगा।