Jammu-Kashmir News: जम्मू-कश्मीर में राज्य का दर्जा बहाल करने के मुद्दे पर सियासत तेज हो गई है। विपक्ष के नेता और बीजेपी नेता सुनील शर्मा ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को बड़ी चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि अगर नेशनल कॉन्फ्रेंस सरकार के लिए राज्य का दर्जा बहाल करना ही सबसे बड़ा मुद्दा है, तो मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को इस्तीफा देकर इसी मुद्दे पर दोबारा जनता के बीच जाना चाहिए। सुनील शर्मा ने कहा कि अगर नेशनल कॉन्फ्रेंस में हिम्मत है तो उमर अब्दुल्ला इस्तीफा दें और केवल राज्य के दर्जे की बहाली के मुद्दे पर नए सिरे से विधानसभा चुनाव लड़ें। उन्होंने दावा किया कि जनता चुनाव में नेशनल कॉन्फ्रेंस को उसकी वास्तविक स्थिति बता देगी। सुनील शर्मा ने नेशनल कॉन्फ्रेंस पर आरोप लगाया कि पार्टी सरकार की कथित नाकामियों से जनता का ध्यान हटाने के लिए राज्य के दर्जे के मुद्दे को प्रमुखता दे रही है।
चुनावी वादों को लेकर भी साधा निशाना
बीजेपी नेता ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान नेशनल कॉन्फ्रेंस ने जनता से कई बड़े वादे किए थे। इनमें 200 यूनिट मुफ्त बिजली, स्मार्ट मीटर नहीं लगाने, 10 किलो राशन, एक लाख नौकरियां और अनुच्छेद 370 की बहाली जैसे मुद्दे शामिल थे। शर्मा ने सवाल उठाया कि अब इन वादों पर चर्चा के बजाय राज्य के दर्जे को सबसे बड़ा मुद्दा बताया जा रहा है। उन्होंने इसे सरकार की कथित विफलताओं से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया।
रोजगार के मुद्दे पर भी हमला
सुनील शर्मा ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के बुधवार को जम्मू और श्रीनगर में बीजेपी कार्यालयों के बाहर प्रस्तावित शांतिपूर्ण प्रदर्शन के समय पर भी सवाल उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रदर्शन बीजेपी के प्रस्तावित सचिवालय घेराव से ध्यान हटाने के लिए किया जा रहा है। बीजेपी ने यह कार्यक्रम जम्मू-कश्मीर के युवाओं से जुड़े रोजगार के मुद्दे पर घोषित किया है।
25 हजार नौकरियों को लेकर लगाए आरोप
शर्मा ने दावा किया कि आउटसोर्सिंग और संविदा व्यवस्था के कारण करीब 25 हजार रोजगार के अवसर प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इससे भर्ती प्रक्रिया में योग्यता और पारदर्शिता पर असर पड़ रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रोजगार देने में नेशनल कॉन्फ्रेंस के कार्यकर्ताओं की सिफारिशों को कथित तौर पर ज्यादा महत्व दिया जा रहा है। उन्होंने सरकार से रोजगार और चुनावी वादों पर जवाब देने की मांग की और कहा कि जनता का ध्यान असली मुद्दों से नहीं भटकाया जाना चाहिए।
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