Hartalika Teej Vrat: हिंदू धर्म में पति की लंबी आयु, अखंड सौभाग्यवती और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए सुहागिन महिलाएं करवा चौथ और तीज जैसे व्रत रखती हैं। ऐसी मान्यता है कि इस तरह के व्रत रखने से सुहागिन महिलाओं के वैवाहिक जीवन से सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। हिंदू पंचांग के अनुसार, हर साल भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को हरतालिका तीज का पर्व मनाया जाता है। ये दिन भगवान शिव और माता पार्वती को समर्पित है। इस दिन सुहागिन महिलाएं निर्जला व्रत भी रखती हैं। इस दिन पूरे विधि-विधान से उनकी पूजा करने से सुखी वैवाहिक जीवन का आर्शीवाद मिलता है।
वैसे तो ये त्योहार मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान और झारखंड में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है, लेकिन सुख-समृद्धि से भरे वैवाहिक जीवन की कामने करने के लिए आज के समय में कई महिलाएं ये व्रत हैं। ये व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। लेकिन कुवांरी लड़कियां भी अच्छे पति की कामने करते हुए हरतालिका तीज का व्रत रखती हैं। तो चलिए हरतालिका तीज की सही तारीख और शुभ मुहूर्त के बारे में जानते हैं।
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हरतालिका तीज 2026 की तारीख और पूजा का शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार, भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि की शुरुआत 13 सितंबर 2026 रविवार की सुबह करीब 7:08 बजे होगी। जिसका समापन अगले दिन यानी 14 सितंबर 2026 सोमवार को सुबह लगभग 7:06 बजे होगा। लेकिन हिंदू धर्म में उदया तिथि का शुभ माना जाता है। ऐसे में हरतालिका तीज का पावन पर्व 14 सितंबर को मनाया जाएगा। इस दिन पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह करीब 06:05 से 07:06 बजे तक रहेगा। बता दें, तृतीया तिथि और चतुर्थी तिथि एक ही दिन पर पड़ रही है। इसी के साथ 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी का त्योहार भी मनाया जाएगा।
हरतालिका तीज के व्रत के नियम
- हरतालिका तीज का व्रत निर्जला रखा जाता है। यानी अन्न-जल ग्रहण नहीं करना होता।
- इस दिन व्रत रखने के लिए सूर्योदय से अगले दिन के सूर्योदय तक निर्जला व्रत रखना होता है।
- विधि-विधान से पूजा करने के बाद ही व्रत का पारण किया जाएगा।
- हालांकि बीमार या गर्भवती महिलाएं निर्जला व्रत रखने की बजाय फलाहार ग्रहण कर सकती हैं।