
Ravi Shankar Prasad Statement: इस समय संविधान निर्माता बाबा साहब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर को लेकर देश की सियासत गरमाई हुई है। आंबेडकर के लेकर अमित शाह के बयान पर कांग्रेस और अन्य विपक्षी पार्टियां लगातार सरकार को घेर रही है। विपक्ष गृह मंत्री पर डॉक्टर आंबेडकर के अपमान का आरोप लगाते हुए उनसे माफी मांगने, इस्तीफा देने की मांग कर रहा है। वहीं, इसी बीच बीजेपी भी कांग्रेस पर हमलावर हो रही है। पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर ड्रामा करने का आरोप लगाया है।
रविशंकर प्रसाद का कांग्रेस पर हमला
दरअसल, सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए ड्रामा करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आज देशभर में नाटक कर रही है। उनका कहना है कि जिस कांग्रेस पार्टी ने आंबेडकर को 1952और 1954में चुनाव हरवाया, कानून मंत्री के पद से इस्तीफा दिलवाया। आज उसी कांग्रेस पार्टी के मन में आंबेडकर के प्रति बहुत प्यार उमड़ रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस को अब हिपोक्रेसी बंद कर देनी चाहिए। इसके साथ ही, कांग्रेस को आंबेडकर को लेकर सार्वजनिक तौर पर माफी भी मांगनी चाहिए।
अम्बेडकर के इस्तीफा का किया जिक्र
डॉक्टर अम्बेडकर के इस्तीफा का जिक्र करते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा कि एक प्रेस रिलीज में आंबेडकर ने कहा था कि मैं सबसे योग्यतम था। इसलिए मैं फाइनेंस और उद्योग में, लॉ में काम करना चाहता था। लेकिन मुझे उसमें काम नहीं करने दिया गया। इसके अलावा हिंदू कोड बिल भी नहीं लाने दिया गया।
रविशंकर प्रसाद कहते है कि आंबेडकर ने कहा था कि एससी और एसटी को प्रोटेक्शन नहीं दिया गया। सिर्फ मुस्लिम को प्रोटेक्शन देने का काम किया गया। कांग्रेस पार्टी बताए कि आंबेडकर के पत्र को पब्लिक डोमेन में क्यों नहीं आने दिया गया।
कांग्रेस पर लगाए आरोप
पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने डॉक्टर आंबेडकर को लेकर एक के बाद एक कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इन सभी सवालों का जवाब दे। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस पर तंज सकते हुए कहा कि पार्टी झूठ बोलना और नाटक करना कब बंद करेगी? कांग्रेस पार्टी ने आंबेडकर से जुड़ी एक स्मृति नहीं बनने दी और आज पार्टी के मन में कैसे उनके लिए इतना प्रेम जाग गया। उन्होंने पार्टी पर आरोप लगाया कि अमित शाह के बयान का एक हिस्सा निकालकर कांग्रेस राजनीति करना चाहती है, बिना संदर्भ समझे।
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