New Expressway: दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर राजस्थान के कोटा में निर्मित देश की पहली आठ लेन वाली सुरंग (टनल) की सुरक्षा जांच शुरू हो गई है। यह जांच लगभग एक सप्ताह तक चलेगी। यदि निरीक्षण के दौरान कोई तकनीकी या सुरक्षा संबंधी कमी नहीं पाई गई तो 20 जून के बाद टनल को यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।
टनल के शुरू होने के साथ ही गुरुग्राम से वडोदरा तक की यात्रा पहले की तुलना में काफी तेज और सुविधाजनक हो जाएगी। अधिकारियों का दावा है कि इससे यात्रा समय में 10 से 12 घंटे तक की कमी आ सकती है।
दिल्ली और मुंबई को जोड़ने वाला देश का सबसे बड़ा एक्सप्रेसवे
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को देश की आर्थिक राजधानी मुंबई से जोड़ने के लिए 1,380 किलोमीटर लंबे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का सबसे चुनौतीपूर्ण और महत्वपूर्ण हिस्सा कोटा में बनी सुरंग को माना जा रहा है।
टनल का निर्माण कार्य पूरी तरह समाप्त हो चुका है और अब इसे शुरू करने से पहले आवश्यक सुरक्षा मानकों की जांच की जा रही है।
मुकुंदरा टाइगर रिजर्व के नीचे बनाई गई 4.9 किमी लंबी सुरंग
कोटा में स्थित मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व के वन्यजीवों को प्रभावित किए बिना यातायात सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 4.9 किलोमीटर लंबी इस सुरंग का निर्माण किया गया है।
यह देश की पहली आठ लेन वाली सड़क सुरंग है। वन्यजीवों की सुरक्षा और पर्यावरणीय मानकों को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्य में विशेष तकनीक का उपयोग किया गया, जिसके कारण परियोजना को पूरा होने में अपेक्षाकृत अधिक समय लगा।
25 किलोमीटर का घुमावदार रास्ता होगा कम
टनल के चालू होने के बाद वाहन चालकों को कोटा क्षेत्र में लगभग 25 किलोमीटर लंबे घुमावदार मार्ग से नहीं गुजरना पड़ेगा। इससे न केवल यात्रा समय घटेगा बल्कि दुर्घटनाओं की आशंका भी कम होगी।
वर्तमान में गुरुग्राम से वडोदरा तक की यात्रा में लगभग 20 से 22 घंटे का समय लग जाता है, जबकि टनल शुरू होने के बाद यह सफर 10 से 12 घंटे में पूरा किया जा सकेगा।
सुरक्षा जांच के बाद लिया जाएगा अंतिम फैसला
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के क्षेत्रीय अधिकारी मोहम्मद सफी के अनुसार निर्माण कार्य पूरा होने के बाद किसी भी सुरंग की सुरक्षा जांच बेहद महत्वपूर्ण प्रक्रिया होती है।
उन्होंने बताया कि विशेषज्ञों की टीम ने निरीक्षण कार्य शुरू कर दिया है और रिपोर्ट मिलने के बाद ही टनल को यातायात के लिए खोलने का निर्णय लिया जाएगा।
इस साल पूरा हो जाएगा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे
गुरुग्राम के सोहना क्षेत्र के निकट अलीपुर गांव से शुरू होने वाला यह आठ लेन का एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे इस वर्ष पूरी तरह तैयार होने की उम्मीद है।
फिलहाल वडोदरा से मुंबई के बीच कुछ हिस्सों का निर्माण कार्य शेष है। परियोजना पूरी होने के बाद गुरुग्राम से मुंबई की यात्रा का समय 24 घंटे से घटकर लगभग 12 घंटे रह जाएगा।
120 किमी प्रति घंटा होगी अधिकतम रफ्तार
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर वाहनों के लिए अधिकतम गति सीमा 120 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित की गई है। वर्तमान में इस मार्ग पर प्रतिदिन 30 से 40 हजार वाहन गुजर रहे हैं।
पूरे एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद वाहनों की संख्या में तत्काल 15 से 20 हजार प्रतिदिन की बढ़ोतरी होने का अनुमान है।
भविष्य में 12 लेन तक किया जा सकेगा विस्तार
इस परियोजना की एक और महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि भविष्य में यातायात दबाव बढ़ने पर एक्सप्रेसवे को आठ लेन से बढ़ाकर 12 लेन तक विकसित किया जा सकता है।
इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए 21 मीटर चौड़ा मीडियन तैयार किया गया है, जिससे भविष्य में अतिरिक्त लेन जोड़ने में सुविधा होगी।