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Uttarakhand News: रुद्रप्रयाग में बाढ़ का खतरा! भारी बारिश ने बढ़ाया नदियों का जलस्तर, जनजीवन प्रभावित

Uttarakhand News: रुद्रप्रयाग में बाढ़ का खतरा! भारी बारिश ने बढ़ाया नदियों का जलस्तर, जनजीवन प्रभावित

Rudraprayag Heavy Rain: उत्तराखंड में भारी बारिश के बाद रुद्रप्रयाग में जलस्तर तेजी से बढ़ गया, जिससे रात भर स्थानीय लोगों में डर और चिंता का माहौल बना रहा। दरअसल, लगातार भारी बारिश से जिले में जनजीवन अस्त-व्यस्त होने लगा है, क्योंकि नदियां, मौसमी धाराएं और नालियां खतरनाक स्तर पर बह रही हैं, जिससे उनके किनारों पर रहने वाले निवासियों में चिंता बढ़ गई है। जिला मुख्यालय में स्थित पुनान गढेरा का जलस्तर भी तेजी से बढ़ गया है। तो वहीं, जिला प्रशासन और नगर पालिका अधिकारियों ने निवासियों से लगातार सतर्क रहने और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने का आग्रह किया है।

लोगों से नदी-नालों से दूरी की अपील

संभावित खतरे को देखते हुए, जिला प्रशासन और नगर पालिका की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में निरंतर निगरानी रख रही हैं। लोगों को सतर्क रहने, नदियों और नालों से दूर रहने और आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह देने के लिए सार्वजनिक घोषणाओं और लाउडस्पीकरों का उपयोग किया जा रहा है। इसके अलावा प्रशासन ने जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने और सिर्फ आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की भी अपील की है। मालूम हो कि इससे पहले, केदारनाथ धाम में मौसम की स्थिति अप्रत्याशित हो गई थी, भारी बारिश और घने कोहरे के कारण श्रद्धालुओं के लिए तीर्थयात्रा चुनौतीपूर्ण हो गई थी।

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तीर्थस्थल इलाकों में भी हाई अलर्ट

भारत मौसम विभाग की मौसम चेतावनी के बाद, जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है, जबकि सुरक्षा एजेंसियां ​​पूरे तीर्थस्थल क्षेत्र में लगातार निगरानी रख रही हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी (DDMO) नंदन सिंह राजवार ने बताया कि हिमालय के ऊंचे पहाड़ी क्षेत्र में स्थित केदारनाथ धाम के कारण इस क्षेत्र में मौसम में लगातार बदलाव होते रहते हैं। उन्होंने तीर्थयात्रियों से नदी के किनारों के पास न जाने और सुरक्षित स्थानों पर रहने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी घोषणा की कि जिला मजिस्ट्रेट ने क्षेत्र के कुछ मार्गों पर ट्रेकिंग पर प्रतिबंध लगा दिया है।

राजवार ने कहा ‘केदारनाथ धाम हिमालय के ऊंचे पहाड़ी क्षेत्र में स्थित होने के कारण यहां मौसम लगातार बदलता रहता है। इसकी निगरानी की जा रही है और तदनुसार व्यवस्था की जा रही है। हमारी सुरक्षा और बचाव दल तीर्थयात्रियों के प्रति विशेष सावधानी बरत रहे हैं, खासकर उन खतरनाक क्षेत्रों में जहां नदियों का जलस्तर बढ़ जाता है, विशेष रूप से मंदाकिनी और सरस्वती नदियों के किनारे। हम तीर्थयात्रियों से आग्रह करते हैं कि वे नदी के किनारों के पास न जाएं बल्कि सुरक्षित स्थानों पर रहें। इसके अलावा चूंकि यह हिमालय का ऊंचा पहाड़ी क्षेत्र है, इसलिए जिला मजिस्ट्रेट द्वारा कुछ मार्गों पर ट्रेकिंग प्रतिबंधित कर दी गई है। तीर्थयात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे मंदिर के दर्शन करें और फिर सुरक्षित रूप से अपने गंतव्य पर लौट जाएं।‘

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