Delhi News: साइबर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह ऐसे लोगों को काम पर रखते हैं जो कमीशन के बदले 'म्यूल' बैंक अकाउंट खोलते हैं और साइबर धोखाधड़ी से मिली रकम को ATM से निकालते हैं। धोखाधड़ी की रकम सबसे पहले इन म्यूल अकाउंट्स में जमा की जाती है और बाद में अलग-अलग ATM से निकाल ली जाती है। दरअसल, हाल ही में एक ऐसा ही मामला सामने आया है। तकनीकी विश्लेषण के आधार पर, वेस्ट डिस्ट्रिक्ट के इलाके में ATM से पैसे निकालने के कई हॉटस्पॉट की पहचान की गई।
साइबर पुलिस का सर्च ऑपरेशन
इन नेटवर्क को खत्म करने के लिए, साइबर पुलिस स्टेशन ने 24 घंटे का एक खास ऑपरेशन शुरू किया। ATM से पैसे निकालने के पैटर्न, NCRP शिकायतों, संदिग्ध बैंक अकाउंट्स, CCTV फुटेज, बैंक अकाउंट स्टेटमेंट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), मनी ट्रेल और तकनीकी सबूतों का बारीकी से विश्लेषण किया गया। धोखाधड़ी की रकम निकालने वाले लोगों की पहचान करने के लिए ATM और आस-पास की जगहों के 100 से ज़्यादा CCTV फुटेज की जांच की गई।
ठोस जानकारी के आधार पर, साइबर वेस्ट पुलिस स्टेशन के SHO इंस्पेक्टर विकास कुमार बुल्डक और वेस्ट डिस्ट्रिक्ट के ACP (ऑपरेशन्स) विजय सिंह की अगुवाई में खास पुलिस टीमें बनाई गईं और छानबीन शुरु की गई। मिली जानकारी पर तेज़ी से कार्रवाई करते हुए कई जगहों पर एक साथ छापे मारे गए। इन छापों में 12 साइबर अपराधियों को गिरफ़्तार किया गया। ये अपराधी 'म्यूल अकाउंट' चलाने, धोखाधड़ी वाले लेन-देन में मदद करने, ठगी के पैसे निकालने और साइबर धोखाधड़ी का काम करने में शामिल थे।

साइबर पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी
इस सर्च ऑपरेशन के तहत साइबर पुलिस को कई बड़ी कामयाबी मिली हैं। धोखाधड़ी से प्राप्त धन को प्राप्त करने और निकालने के लिए इस्तेमाल किए गए फर्जी बैंक खातों से जुड़े छात्रवृत्ति धोखाधड़ी मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। न्यू रंजीत नगर से संचालित एक अवैध फर्जी ऋण धोखाधड़ी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ करने के बाद चार आरोपी गिरफ्तार। कंप्यूटर सिस्टम, मोबाइल फोन, राउटर, डाक टिकट और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई। नौकरी धोखाधड़ी मामले में इस्तेमाल किए गए फर्जी खाते की सुविधा प्रदान करने के आरोप में एक आरोपी गिरफ्तार। इसके अलावा बेंगलुरु से जुड़े करोड़ों के डिजिटल गिरफ्तारी धोखाधड़ी मामले में एक आरोपी गिरफ्तार। धोखाधड़ी से प्राप्त धन को लॉन्ड्रिंग करने के लिए इस्तेमाल किए गए फर्जी बैंक खातों से जुड़े निवेश धोखाधड़ी मामले में दो आरोपी गिरफ्तार। छात्रवृत्ति धोखाधड़ी मामले में इस्तेमाल किए गए फर्जी खाते की सुविधा प्रदान करने के आरोप में एक आरोपी गिरफ्तार।

मामले में कई सामानों की हुई बरामदगी
इस मामले में पुलिस ने 20 मोबाइल फ़ोन, 14 सिम कार्ड, 02 चेक बुक, 03 कंप्यूटर सिस्टम, 01 राउटर, 01 स्कूटी, 04 रबर स्टैम्प औक कई ATM कार्ड, डेबिट कार्ड, पासबुक, बैंक दस्तावेज़ और अन्य डिजिटल सबूत बरामद किए हैं। जांच के दौरान पता चला कि गिरफ्तार आरोपी 'म्यूल अकाउंट' प्रोवाइडर, अकाउंट एग्रीगेटर, कमीशन एजेंट, कैश हैंडलर और कॉल सेंटर ऑपरेटर के तौर पर काम कर रहे थे। वे अलग-अलग राज्यों में पीड़ितों के साथ हुए साइबर फ्रॉड से मिली रकम को रूट करने, लेयरिंग करने और निकालने में मदद करते थे। सिंडिकेट के बाकी सदस्यों की पहचान करने, पैसों के लेन-देन का पता लगाने, डिजिटल सबूतों का विश्लेषण करने और पूरी साजिश का खुलासा करने के लिए आगे की जांच जारी है।
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