Delhi News: पर्यावरण दिवस के मौके पर राहुल गांधी ने एक बार फिर ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट का मुद्दा उठाया। उन्होंने मोदी सरकार पर गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सरकार ग्रेट निकोबार परियोजना को ट्रांसशिपमेंट पोर्ट और डिफेंस प्रोजेक्ट के तौर पर पेश कर रही है, लेकिन इसका मकसद एक बड़े कारोबारी को फायदा पहुंचाना है.इस परियोजना को सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा कदम बता रही है, लेकिन यह प्रोजेक्ट देश की विरासत को बर्बाद कर सकता है।
राहुल गांधी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट और वीडिय शेयर कर मोदी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने लिखा कि ग्रेट निकोबार परियोजना से पर्यावरण को बहुत नुकसान हो सकता है। इस परियोजना में पेड़ काटे जाएंगे,कोरल रीफ को नुकसान पहुंचेगा। इस इलाके में रहने वाले जनजातीय समुदायों को यहां से विस्थापित होना पड़ेगा। सरकार का यह कदम देश हित में ठीक नहीं है। इसके जरिए सरकार रक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा का तर्क देकर अपने वास्तविक उद्देश्य को छिपाने की कोशिश कर रही है।
इसके साथ ही राहुल गांधी ने पोस्ट करते हुए युवाओं से सवाल किया। उन्होंने कहा कि क्या ऐसी दुनिया जहां कैसीनो बनाने के लिए रेनफॉरेस्ट को बुलडोज़र से खत्म कर दिया गया, नक्शों से कोरल रीफ़ मिटा दी गईं, आदिवासी समुदायों को उनकी ज़मीन से बेदखल कर दिया गया और हमारी साँस लेने की हवा ज़हरीली हो गई? या फिर ऐसी दुनिया जहां भारत की प्राकृतिक विरासत सुरक्षित है, हमारे आदिवासी समुदाय सुरक्षित हैं और तरक्की प्रकृति के साथ मिलकर होती है - न कि उसके ख़िलाफ़।
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राहुल गांधी ने लिखा कि अभी, मोदी सरकार ग्रेट निकोबार द्वीप को बर्बाद कर रही है। सिर्फ़ एक बिज़नेसमैन को फ़ायदा पहुँचाने के लिए 1.5 करोड़ से ज़्यादा पेड़, पुरानी कोरल रीफ़ और अनमोल रेनफॉरेस्ट नष्ट किए जा रहे हैं। यह आपकी विरासत है जिसे वे बुलडोज़र से खत्म कर रहे हैं। और सिर्फ़ आप ही उन्हें रोक सकते हैं। याचिका पर साइन करें। मोदी सरकार को बताएं कि हम क्या चुनते हैं।