Akhilesh Yadav: समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने मंगलवार को लोकसभा में एक चर्चा के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एक 'प्रधान' को हटाकर सरकार ने असल में 'प्रधानमंत्री' को बचा लिया है। बता दें, उनका इशारा NEET-UG परीक्षा के पेपर लीक मामले में पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की ओर था। दरअसल, सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा के दौरान बोलते हुए यादव ने कहा कि यह इस्तीफा सार्वजनिक परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे छात्रों के दबाव को दर्शाता है।
सपा प्रमुख ने सरकार पर साधा निशाना
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा ‘जब मंत्री (पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान) संसद पहुंचे, तो सदन के बाहर उनका स्वागत किया गया। कल्पना कीजिए कि सदस्यों ने कितनी राहत महसूस की होगी और वे किस बड़े संकट से बच गए। एक 'प्रधान' को हटाकर आपने असल में 'प्रधानमंत्री' को बचा लिया है।‘ यादव ने जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन का समर्थन किया और युवाओं के "दृढ़ संकल्प, साहस और दृढ़ इच्छाशक्ति" की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनके संकल्प ने सरकार को अपना अहंकार छोड़ने, बातचीत करने और उनकी मांगों को स्वीकार करने के लिए मजबूर कर दिया।
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उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सत्ताधारी पार्टी को इस बात की राहत है कि प्रधान के इस्तीफे ने "प्रधानमंत्री" को बचा लिया है। उन्होंने कहा, "सरकार खुद को अजेय समझती थी, लेकिन युवाओं ने साबित कर दिया कि 'झुकती है दुनिया झुकने वाला चाहिए'। सरकार झुक गई और मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा।‘ सपा प्रमुख ने भाजपा के वादों पर भी हमला करते हुए कहा ‘भाजपा वादे नहीं करती, जुमले देती है। जो बात मजाक के तौर पर शुरू हुई थी, वह इतनी गंभीर हो गई है।‘उन्होंने आगे कहा ‘जो लोग चंदे की चोरी को रोकने में विफल रहे, वे भला पेपर लीक को कैसे रोक सकते हैं? उन्होंने तो मौजूदा कानून में सिर्फ एक संशोधन पेश किया है। आप किसे धोखा देने की कोशिश कर रहे हैं? अगर यह कानून प्रभावी होता, तो भाजपा के दस साल के कार्यकाल में 20 परीक्षाएं कैसे लीक हुईं?’
सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक 2026 का उद्देश्य
सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक का उद्देश्य सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के प्रावधानों को और मजबूत करना है। इसके तहत त्वरित जांच, विशेष त्वरित न्यायालयों के माध्यम से शीघ्र सुनवाई, विशेष लोक अभियोजकों की नियुक्ति, अपीलों का समयबद्ध निपटान और अधिक कठोर दंडात्मक प्रावधान शामिल हैं, ताकि सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों और संगठित कदाचार को प्रभावी ढंग से रोका जा सके।