
National Farmers Day 2024; भारत में हर साल राष्ट्रीय किसान दिवस 23दिसंबर को मनाया जाता है। यह दिन पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती (Chaudhary Charan Singh Jayanti) के रूप में मनाया जाता है। किसान दिवस हर साल देश के विकास में किसानों के योगदान को सम्मानित करने के लिए मनाया जाता है। चौधरी चरण सिंह ने अपना पूरा जीवन किसानों के कल्याण के लिए समर्पित किया।
बता दें, यह दिन खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बनाए रखने और देश की कृषि विरासत को संरक्षित करने में किसानों की अहम भूमिका की याद दिलाता है।
किसानों के मसीहा थे चौधरी चरण सिंह
किसान दिवस भारत के पांचवें प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती का भी प्रतीक है। भारत रत्न चौधरी चरण सिंह का जन्म 23दिसंबर1 1902में उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के नूरपुर गांव में हुआ था। चौधरी चरण सिंह एक किसान नेता थे, इसलिए उनकी जयंती पर किसान दिवस मनाया जाता है। चौधरी चरण सिंह ने देश में कृषक समुदाय और किसनों के अधिकारों और कल्याण की वकालत की थी।
कब हुई किसान दिवस की शुरुआत?
चौधरी चरण सिंह साल 1967में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने थे। इससे पहले उन्होंने मंत्री रहते हुए कई विभागों को संभाला था। चरण सिंह एक बार फिर 1970में यूपी के मुख्यमंत्री बने थे। इसके अलावा चौधरी चरण सिंह ने 1979से 1980तक भारत के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया। इस बीच, उन्होंने किसानों के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं भी बनाईं। बता दें, उनकी नीतियां कृषि क्षेत्र में स्थिरता लाने और किसानों की समस्याओं को दूर करने में सहायक रहीं। बता दें, किसान दिवस की शुरुआत भारत सरकार द्वारा 2001में की गई थी।
कब हुई किसान ट्रस्ट की स्थापना?
हमेशा से ही चौधरी चरण सिंह ने किसानों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया। उनका नेतृत्व कृषि सुधारों, ग्रामीण विकास और किसानों के कल्याण पर केंद्रित था। इसलिए चौधरी चरण सिंह ने साल 1978में किसान ट्रस्ट की स्थापना की थी। जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण समाज को न्याय के महत्व के बारे में जागरूक कर उन्हें एकजुट करना था। उनके द्वारा शुरू किए गए योजनाओं और कार्यक्रमों ने न केवल किसानों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार किया। बल्कि भारतीय कृषि क्षेत्र में स्थिरता और प्रगति का भी मार्ग प्रशस्त किया।
राष्ट्रीय किसान दिवस का महत्व
राष्ट्रीय किसान दिवस का मकसद भारतीय किसानों के योगदान को मान्यता देना और उनके जीवन में सुधार के लिए प्रयास करना है। इस दिन देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। जिनमें किसानों को नई तकनीकों और योजनाओं के बारे में जानकारी दी जाती है। यह दिन किसानों को अपनी चुनौतियों और लक्ष्यों पर चर्चा करने का अवसर देता है। इसके साथ यह किसानों के संघर्षों को समझने और उनके समाधान खोजने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आधुनिक विज्ञान और प्रौद्योगिकी के उपयोग से किसानों को उनकी उत्पादकता बढ़ाने में सहायता प्रदान करना भी इस दिन का एक प्रमुख उद्देश्य है।
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