Kanpur News: कैसा हो अगर आप दिल्ली में 20-25 हजार की नौकरी करते हैं और अचानक सात समुंदर पार अमेरिका से जॉब का ऑफर मिले, जिसकी सैलेरी 2.40 लाख डॉलर यानी 2.9 करोड़ रुपये सालाना हो, लेकिन आप अपनी छोटी-सी नौकरी में खुश है, इसलिए आप ये ऑफर ठुकरा देते हैं। तो वहीं, आपका फैसला कई लोगों को खटकेगा। लोग आपको पागल समझेंगे और सोचेंगे कि इतना अच्छा जॉब का ऑफर भला कौन ठुकरा सकता है। ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के कानपुर से सामने आया है। यहां रहने वाले विवेक शर्मा को अमेरिका में करीब 2.9 करोड़ रुपये सालाना पैकेज का जॉब ऑफर मिला था। लेकिन उन्होंने ये जॉब करने से मना कर दिया। लेकिन क्यों, चलिए जानते हैं।
कौन हैं विवेक शर्मा?
बता दें, कानपुर निवासी विवेक शर्मा IIT बॉम्बे से बीटेक कम्प्यूटर साइंस में गोल्ड मेडलिस्ट रहे हैं, जिनकी सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है। बताया जा रहा है कि उनकी पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्हें अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को के एक स्टार्टअप कंपनी से शानदार जॉब ऑफर आया। इनमें उन्हें वीजा स्पांसरशिप, रीलोकेशन बेनिफिट और ग्लोबल करियर बनाने का बहुत बड़ा मौका मिला। सबसे खास था सैलरी पैकेज। कंपनी ने उन्हें .40 लाख डॉलर यानी करीब 2.90 करोड़ रुपये का ऑफर दिया था। ऐसे तो ये किसी सपने से कम नहीं था। करोड़ों रुपये का सालाना पैकेज और वो भी अमेरिका से...लेकिन बावजूद इसके विवेक ने इस ऑफर को ठुकरा दिया। कारण बना उनके माता-पिता की तबीयत और परिवार की स्थिति।
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दरअसल, विवेक एक लोअर मीडिल क्लास परिवार से आते हैं। उनके पिता रेलवे क्लर्क थे। उनकी मां घर के कामों के अलावा ट्यूशन पढ़ाती थी। पढ़ाई खत्म होने के बाद विवेक को पता चला कि उसके पिता को दिल का दौरा पड़ा है। जबकि उनकी मां कैंसर से जूझ रही हैं। ऐसी स्थिति को परिवार को अकेला छोड़कर अमेरिका जाना विवेक का गलत लगा। विवेक का कहना था कि बचपन से लेकर आजतक उनके माता-पिता ने उनका हर कदम पर साथ दिया और कभी अपनी जिम्मेदारियों से पीछे नहीं हटे। इसलिए अब जब उनके माता-पिता को उनकी सबसे ज्यादा जरूरत है, तो वह उन्हें अकेला नहीं छोड़ सकते।
घर के नीचे खोली किराना की दुकान
खबरों की मानें तो अमेरिका से आया नौकरी का ऑफल ठुकराने के बाद विवेक ने अपने घर के नीचे एक छोटी-सी किराने की दुकान खोल ली। इतना ही नहीं, वह गरीब बच्चों को कोडिंग भी सिखाते हैं।