
Manmohan Singh Passes Away: देश के पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का निधन गुरुवार देर रात को हुआ। उन्होंने दिल्ली एम्स में अंतिम सांस ली। उनके निधन के बाद तमाम राजनेता उनको पूर्व प्रधानमंत्री के साथ-साथ महान अर्थशास्त्री के रूप में याद कर रहे हैं। पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी उनको श्रद्धाजंलि दी है।
मनमोहन सिंह के निधन पर उनके पूराने वाक्य को याद किया जा रहा है। एक वक्त उन्होंने कहा था कि इतिहास मेरे प्रति दयालु रहेगा। ऐसा ही एक वक्या है जब मनमोहन सिंह से मिलने उनके बचपने के दोस्त पाकिस्तान से भारत आए थे। साल 2008 में उनके बचपन के दोस्त राजा मोहम्मद अली दिल्ली उनसे मुलाकात करने आए थे। मोहम्मद अली से मुलाकात के दौरान मनमोहन सिंह ने एक पगड़ी, एक शॉल और टाइटन की घड़ियों गिफ्ट किया था। वहीं, राजा मोहम्मद अली ने बदले में मनमोहन सिंह को अपने गांव की तस्वीरें भेट की थी।
एक ही गांव में पले-बढ़े दोनों
दरअसल डॉ मनमोहन सिंह का जन्म 26 सितंबर 1932 को अभिभाजित भारत के पंजाब प्रांत में हुआ था। 1947 में भारत के विभाजन के बाद 14 साल की उम्र में मनमोहन सिंह का परिवार भारत आने का फैसला किया था। तब से उनका परिवार में रहा और आगे की शिक्षा ग्रहण की। वहीं, उनके बचपन का दोस्त मोहम्मद अली पाकिस्तान में बसने का फैसला किया था। बता दें कि, अभिवाजित भारत के दौरान मनमोहन सिंह और मोहम्मद अली का पैतृक गांव एक ही था।
मनमोहन सिंह की आखिरी प्रेस कॉन्फ्रेंस
प्रधानमंत्री के तौर पर अपनी आखिरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में मनमोहन सिंह ने कहा था कि इतिहास मेरे प्रति दयालु रहेगा। जब उनसे ये पूछा गया था कि आपके बारे में कहा जाता है कि आप कैबिनेट में मंत्रियों पर काबू नहीं कर पाए। आपकी बात नहीं मानी गई और आप चुप रहे? इस पर मनमोहन सिंह ने जवाब दिया था कि मैं मानता हूं कि अभी की मीडिया की तुलना में इतिहास मेरे प्रति दयालु रहेगा। मैं सारी बात बता नहीं सकता कि कैबिनेट में क्या-क्या बातें होती हैं? गठबंधन की मजबूरियां क्या होती ही हैं।
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