'जब सत्ता चाहिए थी तो मंदिर मंदिर करते थे और अब...', RSS प्रमुख मोहन भागवत पर भड़के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद

'जब सत्ता चाहिए थी तो मंदिर मंदिर करते थे और अब...', RSS प्रमुख मोहन भागवत पर भड़के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद

Shankaracharya On Mohan Bhagwat Statement: ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत पर तीखा हमला बोला हैं। उन्होंने रविवार को प्रमुख मोहन पर राजनीतिक सुविधा के अनुसार बयान देने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जब उन्हें सत्ता प्राप्त करनी थी, तब वह मंदिर-मंदिर करते थे। अब सत्ता मिल गई तो मंदिर नहीं ढूंढने की नसीहत दे रहे हैं।

बता दें, शंकराचार्य ने मोहन भागवत के उस बयान पर उनकी आलोचना की है, जिसमें उन्होंने कहा था कि हर जगह मंदिर ढूंढ़ने की इजाजत नहीं दी सकती।

बाबा साहेब पर बयान की आलोचना

शंकराचार्य ने केंद्रीय मंत्री अमित शाह के संसद में बीआर आंबेडकर पर दिए बयान की भी आलोचना की।  उन्होंने संसद परिसर में धक्का-मुक्की प्रकरण पर विपक्ष के नेता राहुल गांधी का बचाव करते हुए कहा कि धक्का-मुक्की प्रकरण की वजह केंद्रीय गृह मंत्री का आंबेडकर पर दिया वक्तव्य है। 

बांग्लादेश में हो रहे हिंदुओं पर अत्याचार

उन्होंने आगे कहा कि देश में बाबा साहेब की विचारधारा मानने वाले लोग अधिक हैं। इसलिए हर कोई अपनी राजनीति के लिए उनके नाम का इस्तेमाल कर रहा है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार की भी निंदा की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को कड़ा कदम उठाते हुए भारत में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों को उनके देश भेज देना चाहिए। उन्होंने बंगलादेश में हिंदुओं पर अत्याचार मामले में केंद्र सरकार द्वारा कोई कार्रवाई नहीं करने के लिए उसकी आलोचना भी की।

हिंदू समाज को लेकर कही ये बात

शंकराचार्य ने पूर्व में आक्रांताओं द्वारा कथित रूप से तोड़े गए मंदिरों की सूची बनाकर उनका पुरातत्व सर्वेक्षण किए जाने की भी मांग की है। इसके अलावा उनकी मांग है कि हिंदू समाज के गौरव को फिर से स्थापित किया जाए। शंकराचार्य ने आगे कहा कि अतीत में हिंदू समाज के साथ बहुत अत्याचर हुआ है और हिंदुओं के धर्मस्थलों को तहस नहस किया गया है। उन्होंने कहा कि अगर अब हिंदू समाज अपने मंदिरों का पुनरूद्धार कर उन्हें फिर संरक्षित करना चाहता है तो इसमें गलत क्या है?

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