Ishan Kishan Slams Century:भारतीय क्रिकेट टीम से टेस्ट क्रिकेट में वापसी की उम्मीद लगाए बैठे ईशान किशन ने एक बार फिर अपने बल्ले से मजबूत दावा पेश किया है। दलीप ट्रॉफी 2026 के फाइनल में ईस्ट जोन की कप्तानी कर रहे किशन ने शानदार शतक जड़ दिया। चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले जा रहे फाइनल के पहले दिन उन्होंने नाबाद 111 रन की पारी खेलकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।
ईस्ट जोन और साउथ जोन के बीच दलीप ट्रॉफी का फाइनल मुकाबला खेला जा रहा है। पहले दिन ईस्ट जोन ने दिन का खेल खत्म होने तक 4 विकेट पर 385 रन बना लिए। इसमें कप्तान ईशान किशन की शतकीय पारी का अहम योगदान रहा। किशन ने मुश्किल परिस्थितियों में पारी को संभाला और इसके बाद तेजी से रन बनाते हुए अपना शतक पूरा किया। उनकी इस पारी ने चयनकर्ताओं का ध्यान एक बार फिर अपनी ओर खींचा है।
टेस्ट टीम में वापसी का मजबूत दावा
ईशान किशन लंबे समय से भारतीय टेस्ट टीम से बाहर हैं। ऐसे में घरेलू क्रिकेट में उनका प्रदर्शन टीम इंडिया में वापसी की राह खोल सकता है। दलीप ट्रॉफी का फाइनल उनके लिए खुद को साबित करने का बड़ा मौका है और शतक के बाद उन्होंने इस मौके को शानदार तरीके से भुनाया है। हालांकि,सिर्फ एक पारी के आधार पर टेस्ट टीम में चयन तय नहीं माना जा सकता। चयनकर्ता उनके प्रदर्शन, फिटनेस और आने वाले घरेलू मुकाबलों में निरंतरता को भी देखेंगे।
पहले से शानदार फॉर्म में हैं किशन
दलीप ट्रॉफी के सेमीफाइनल में भी ईशान किशन ने अहम भूमिका निभाई थी। सेंट्रल जोन के खिलाफ लक्ष्य का पीछा करते हुए उन्होंने नाबाद 39 रन बनाकर ईस्ट जोन को चार विकेट से जीत दिलाने में मदद की थी। अब फाइनल में शतक लगाने के बाद किशन ने टेस्ट टीम में वापसी की अपनी दावेदारी को और मजबूत कर दिया है। खास बात यह है कि वह फाइनल में ईस्ट जोन की कप्तानी भी कर रहे हैं और उनकी नेतृत्व क्षमता पर भी नजरें हैं।
ईशान किशन की यह पारी ऐसे समय आई है जब भारतीय क्रिकेट में घरेलू प्रदर्शन के आधार पर खिलाड़ियों के चयन को लेकर काफी ध्यान दिया जा रहा है। ऐसे में अगर किशन आने वाले मुकाबलों में भी लगातार रन बनाते हैं, तो टेस्ट टीम में वापसी के लिए उनका दावा और मजबूत हो सकता है।
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