Maharashtra: कांग्रेस कार्यालय में भाजपा कार्यकर्ताओं का उग्र प्रदर्शन, आंबेडकर के अपमान का आरोप

Maharashtra: कांग्रेस कार्यालय में भाजपा कार्यकर्ताओं का उग्र प्रदर्शन, आंबेडकर के अपमान का आरोप

BJP Workers Vandalise Congress Party Office: डॉ. बीआर आंबेडकर के नाम पर एक बार फिर सियासी विवाद शुरू हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हालिया बयान के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच तीखी बयानबाजी हो रही है। दिल्ली से शुरू हुआ यह विवाद अब महाराष्ट्र तक फैल चुका है।

गुरुवार को महाराष्ट्र के भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने मुंबई में कांग्रेस के कार्यालय में तोड़फोड़ की और नारेबाजी की। भाजपा कार्यकर्ताओं का आरोप था कि कांग्रेस आंबेडकर के योगदान को नजरअंदाज कर रही है और उनका अपमान कर रही है। जब स्थिति बिगड़ी, तो पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।

केंद्रीय मंत्री अमित शाह का बयान

यह सियासी विवाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के एक बयान से शुरू हुआ। मंगलवार को राज्यसभा में संविधान पर चर्चा करते हुए शाह ने डॉ. आंबेडकर को लेकर कुछ टिप्पणी की थी। शाह ने कहा, "आजकल आंबेडकर का नाम बहुत लिया जा रहा है। अगर लोग भगवान का नाम इस तरह लेते, तो सात जन्मों तक स्वर्ग में रहते। कांग्रेस का आंबेडकर के प्रति रुख मैं बताता हूं।"

आंबेडकर के इस्तीफे का जिक्र

अमित शाह ने यह भी कहा कि डॉ. आंबेडकर ने भारत की पहली कैबिनेट से इस्तीफा क्यों दिया था। उनका इस्तीफा अनुसूचित जनजातियों से दुर्व्यवहार, अनुच्छेद 370और विदेश नीति से असहमतियों के कारण था। शाह ने यह आरोप भी लगाया कि पंडित नेहरू ने आंबेडकर के इस्तीफे पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि राजाजी के जाने से फर्क पड़ेगा, लेकिन आंबेडकर के जाने से कोई असर नहीं होगा।

कांग्रेस की प्रतिक्रिया

अमित शाह के बयान के बाद कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपा जानबूझकर आंबेडकर के नाम का राजनीतिक फायदा उठा रही है। पार्टी का कहना है कि शाह का बयान आंबेडकर की विरासत और योगदान को गलत तरीके से पेश करने की कोशिश है।

यह विवाद अब एक बड़ा सियासी मुद्दा बन चुका है। आगे इसके बारे में और प्रतिक्रियाएं देखने को मिल सकती हैं।

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