
Attacks On Bangladeshi Hindu: बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद से अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं, पर हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ी हैं। हालांकि, मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार इस स्थिति को स्वीकार करने को तैयार नहीं है। भारत ने बांग्लादेश के इस झूठ का पर्दा फाश करते हुए स्थिति की गंभीरता को उजागर किया है।
भारत ने बांग्लादेश-पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर जताई चिंता
भारत के विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन ने संसद में एक लिखित जवाब में जानकारी दी कि 2024के आठ दिसंबर तक बांग्लादेश में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों पर 2200हमले हो चुके हैं। वहीं, पाकिस्तान में इस तरह के हमलों की संख्या 112रही। यह आंकड़ा यह स्पष्ट करता है कि बांग्लादेश अब पाकिस्तान के समान बनता जा रहा है, जहां अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों पर लगातार अत्याचार हो रहे हैं।
कीर्ति वर्धन सिंह ने राज्यसभा में आंकड़े पेश करते हुए बताया कि उन्होंने बांग्लादेश और पाकिस्तान दोनों देशों को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि वे अपने यहां हिंदुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करें। विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत सरकार ने इन घटनाओं को गंभीरता से लिया है और दोनों देशों की सरकारों से चिंता जताई है। भारत का मानना है कि बांग्लादेश की सरकार को अल्पसंख्यक हिंदुओं की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने चाहिए। इसी मुद्दे को विदेश सचिव ने बांग्लादेश यात्रा के दौरान भी उठाया था। इसके अलावा, ढाका में स्थित भारतीय दूतावास इन हमलों पर करीबी नजर रखे हुए है।
वर्षवार हमलों का विश्लेषण
विदेश मंत्री ने राज्यसभा में प्रस्तुत आंकड़ों में यह भी बताया कि पिछले कुछ वर्षों में बांग्लादेश और पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर होने वाले हमलों की स्थिति कैसी रही है।
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इन आंकड़ों से यह साफ होता है कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा का स्तर अत्यधिक बढ़ चुका है, जो गंभीर चिंता का विषय है।
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