IND vs NZ: भारतीय क्रिकेट के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने न्यूजीलैंड की परिस्थितियों में बल्लेबाजी करने की चुनौतियों को लेकर अपनी राय साझा की है। उन्होंने बताया कि न्यूजीलैंड में तेज गेंदबाजों को ठंडे मौसम, पिच पर घास और तेज हवाओं का फायदा मिलता है। ऐसे में बल्लेबाजों के लिए यहां रन बनाना आसान नहीं होता। सचिन ने बल्लेबाजों को धैर्य रखने, सही तकनीक अपनाने और परिस्थितियों के अनुसार खुद को ढालने की सलाह दी है।
सचिन तेंदुलकर ने Reddit के Ask Me Anything (AMA) सेशन के दौरान न्यूजीलैंड में टेस्ट क्रिकेट खेलने की चुनौतियों पर बात की। उनसे पूछा गया था कि SENA देशों (दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया) में न्यूजीलैंड को बल्लेबाजों के लिए मुश्किल जगहों में से एक क्यों माना जाता है और वहां सफल होने के लिए बल्लेबाजों को अपनी तकनीक में क्या बदलाव करना चाहिए।
इस पर सचिन ने कहा कि न्यूजीलैंड का ठंडा मौसम पिच की सतह को ताजा बनाए रखता है। अगर पिच पर घास भी मौजूद हो तो तेज गेंदबाजों को काफी मदद मिल सकती है। इसके अलावा तेज हवाएं भी गेंदबाजों के लिए अनुकूल परिस्थितियां तैयार करती हैं। खासकर वे गेंदबाज जो गेंद को सीधी सीम पोजीशन में रखते हैं, उन्हें इसका फायदा मिलता है।
सचिन ने बल्लेबाजों को दी ये खास सलाह
सचिन तेंदुलकर ने न्यूजीलैंड में सफल होने के लिए बल्लेबाजों को गेंद के करीब रहकर खेलने की सलाह दी। उनके मुताबिक, बल्लेबाजों को गेंद को शरीर के पास रखना चाहिए और उसे जल्दबाजी में खेलने के बजाय देर से खेलना चाहिए। उन्होंने फ्रंट फुट डिफेंस पर भरोसा रखने की बात भी कही। सचिन ने समझाया कि ऐसी परिस्थितियों में तेजी से शॉट खेलने की कोशिश नुकसानदायक हो सकती है। इसलिए बल्लेबाजों को धैर्य रखना चाहिए और सही गेंद मिलने पर ही रन बनाने का प्रयास करना चाहिए।
टेस्ट और ODI क्रिकेट में क्या है अंतर?
सचिन ने टेस्ट और वनडे क्रिकेट के बीच अंतर को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि टेस्ट क्रिकेट में बल्लेबाज को अपनी सोच और खेलने की गति धीमी रखनी चाहिए। इस फॉर्मेट में गेंद की लाइन और लेंथ पर अधिक ध्यान देना जरूरी होता है। उन्होंने बताया कि वनडे क्रिकेट में बल्लेबाज के पास जोखिम लेकर रन बनाने के ज्यादा मौके होते हैं। थर्ड मैन की दिशा में शॉट खेलकर या सिंगल लेकर स्ट्राइक बदली जा सकती है। लेकिन टेस्ट क्रिकेट में ऐसी आजादी हमेशा नहीं होती, क्योंकि एक गलत शॉट बल्लेबाज को पवेलियन वापस भेज सकता है।