IAS Success Story: भोपाल की रहने वाली पल्लवी मिश्रा ने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा किसी एक क्षेत्र तक सीमित नहीं होती। पिता वकील, मां साइंटिस्ट और भाई आईपीएस—ऐसे परिवार से आने वाली पल्लवी ने भी अपनी मेहनत और लगन से देश की सेवा का रास्ता चुना। क्लासिकल म्यूजिक में मास्टर्स और लॉ की डिग्री लेने के बाद उन्होंने न केवल UPSC की चुनौती स्वीकार की, बल्कि ऑल इंडिया रैंक 73 हासिल कर IAS अधिकारी बन गईं। पल्लवी AGMUT कैडर की 2023 बैच की अधिकारी हैं और फिलहाल जम्मू के मढ़ में एसडीएम के रूप में सेवाएं दे रही हैं।
14 अक्टूबर 1997 को भोपाल में जन्मीं पल्लवी ने प्रारंभिक पढ़ाई वहीं से की। बाद में वह दिल्ली पहुंचीं और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी से अपनी लॉ की डिग्री पूरी की। पढ़ाई के साथ-साथ उन्हें संगीत का भी गहरा शौक था। इसी जुनून ने उन्हें क्लासिकल म्यूजिक में मास्टर्स करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने पंडित सिद्धराम स्वामी कोरवर से संगीत की विशेष शिक्षा प्राप्त की।

बिना कोचिंग पास की UPSC परीक्षा
कानून और संगीत दोनों में सफल होने के बावजूद पल्लवी के मन में देश की सेवा की गहरी इच्छा थी। यही कारण रहा कि उन्होंने बिना कोचिंग UPPSC परीक्षा देने का निर्णय लिया। पहला प्रयास असफल रहा, लेकिन पल्लवी ने हार न मानते हुए अपनी गलतियों का विश्लेषण किया, खासतौर पर निबंध लेखन पर ध्यान बढ़ाया। दूसरे प्रयास में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए AIR 73 हासिल की और IAS बन गईं।
परिवार का मजबूत सहयोग
पल्लवी मिश्रा एक ऐसे परिवार से आती हैं जहाँ शिक्षा और सेवा दोनों को प्राथमिकता दी जाती है। उनके पिता अजय मिश्रा वरिष्ठ वकील हैं और मां डॉ. रेनू मिश्रा साइंटिस्ट हैं। बड़े भाई आदित्य मिश्रा 2018 बैच के IPS अधिकारी है जिन्हें दो गैलेंट्री अवॉर्ड भी मिल चुके हैं।

IAS बनने के बाद पल्लवी को AGMUT कैडर आवंटित हुआ। प्रशिक्षण के बाद उन्होंने नॉर्थ गोवा में असिस्टेंट कलेक्टर के पद पर कार्य किया और वर्तमान में एसडीएम मढ़ (जम्मू) के रूप में काम कर रही हैं।
सोशल मीडिया पर भी पल्लवी काफी सक्रिय रहती हैं। इंस्टाग्राम पर उनके 89 हजार से अधिक फॉलोअर्स हैं। वह पर्यावरण संरक्षण, महिलाओं की शिक्षा और स्वास्थ्य के मुद्दों पर विशेष रुचि रखती हैं। हाल ही में उन्होंने जम्मू के मढ़ तहसील में ‘सेवा पर्व 2025’ के तहत सामूहिक स्वच्छता अभियान का नेतृत्व किया।