
Bipin Rawat Helicopter Crash: देश के पहले सीडीएस यानी चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बिपिन रावत की हेलिकॉप्टर हादसे में जान चली गई थी। उनका निधन 2021 में हुआ था। इस हादसे में उनकी पत्नी मधुलिका समेत कुल 12 लोगों की जान चली गई थी। शुरुआत में उनकी मौत की वजह हेलिकॉप्टर का क्रैश होना माना जा रहा था लेकिन, इस हादसे की जांच के लिए संसदीय समिति का गठन किया था।
वहीं, संसद की स्थाई समिति ने हादसे की जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट संसद में पेश कर दी है। जिनमें बिपिन रावत की मौत की वजह का खुलासा हुआ है। बिपिन रावत की मृत्यु के मामले में जांच संसदीय समिति ने अपनी रिपोर्ट बताया कि एमआई-17वी5 हेलीकॉप्टर दुर्घटना के पीछे मानवीय चूक हुई थी। गौरतलब है कि, जनरल रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत और कई अन्य सशस्त्र बल कर्मियों की मृत्यु उस समय हो गई थी, जब उनका सैन्य हेलीकॉप्टर तमिलनाडु के कुन्नूर के निकट दुर्घटनाग्रस्त हो गया था।
कैसा था वो हेलीकॉप्टर जिसमें सवार थे रावत
बता दें कि जनरल बिपिन रावत जिस Mi-17V5 हेलीकॉप्टर से तमिलनाडु जा रहे थे, वह एक वीवीआईपी हेलीकॉप्टर है। ये दो इंजन वाला विमान है। दुर्गम इलाकों के लिए सेना इस हेलीकॉप्टर से आवाजाही करती है। यह दुनिया का सबसे एडवांस ट्रांसपोर्ट हेलीकॉप्टर है जिसे सेना और हथियारों के ट्रांसपोर्ट, फायर सपोर्ट, गश्ती और सर्च-एंड-रेस्क्यू मिशन में उपयोग किया जाता है। बता दें कि, इस हादसे में ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह ही जिंदा बच पाए थे। हालांकि, एक हफ्ते बाद इलाज के उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया था। ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह को तमिलनाडु के कन्नूर स्थित वेलिंगटन से बेंगलुरु के एक सैन्य अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया था। वह जीवन रक्षक उपकरणों पर थे लेकिन, इलाज करने के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी थी।
4 साल में कितनी विमान दुर्घटानाएं?
संसद में मंगलवार यानी 17 दिसंबर को रक्षा संबंधि स्थाई समिति ने 2018 से 2022 के बीच हुई विमान दुर्घटनाओं की रिपोर्ट भी पेश की है। जिसमें बताया गया कि इस अवधि में कुल 34 विमान दुर्घटनाएं हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, 2021- 22 के बीच भारतीय नौसेना के नौ विमान दुर्घटना की शिकार हुई थी। वहीं, 2018-19 में कुल 11 विमान हादसे हुए थे। रिपोर्ट में ‘कारण’ शीर्षक से एक विषय है जिसमें दुर्घटना की वजह ‘मानवीय चूक’ को बताया गया है।
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