Haryana News: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिला डिस्कस थ्रो में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर हरियाणा की बेटी सीमा कालीरमन ने पूरे देश का मान बढ़ाया है। इस उपलब्धि से उनके गांव और परिवार में खुशी का माहौल है। सीमा के ससुर और सास ने बताया कि इस मेडल के पीछे वर्षों का संघर्ष, परिवार का सहयोग और कड़ी मेहनत छिपी है। उनका अब अगला लक्ष्य ओलंपिक में देश के लिए पदक जीतना है।
कॉमनवेल्थ गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाली सीमा कालीरमन की सफलता का जश्न उनके पैतृक गांव में भी मनाया जा रहा है। परिवार का कहना है कि खेती-किसानी से जुड़े साधारण परिवार की बहू ने कठिन परिस्थितियों में भी अपनी मेहनत और लगन से यह मुकाम हासिल किया है। सीमा के ससुर भूप सिंह ने बताया कि पहले उनके बेटे ने इस खेल में हिस्सा लिया था, लेकिन चोट लगने के बाद सीमा ने जिम्मेदारी संभाली और लगातार मेहनत कर देश के लिए पदक जीतकर दिखाया।
सीमा के सुसर भूप सिंह ने बताया कि सीमा कई वर्षों से खेल रही हैं। वर्ष 2019 में शादी, उसके बाद कोविड महामारी, मातृत्व और फिर दोबारा खेल में वापसी जैसी चुनौतियों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। परिवार का कहना है कि अब उनका पूरा ध्यान ओलंपिक की तैयारी पर है और उन्हें विश्वास है कि सीमा वहां भी भारत के लिए पदक जीतेंगी। उन्होंने यह भी बताया कि सीमा के पति खुद खिलाड़ी रहे हैं और वहीं उनके कोच भी हैं।
सीमा की सास कमला ने कहा कि वह बहू को बहू नहीं बल्कि बेटी मानती हैं। उन्होंने बताया कि सीमा रोज सुबह से शाम तक कठिन अभ्यास करती थीं और उसी मेहनत का परिणाम आज पूरे देश के सामने है। उन्होंने कहा कि परिवार ने हर कदम पर सीमा का साथ दिया और अब उनकी सबसे बड़ी इच्छा है कि सीमा ओलंपिक में भी भारत का तिरंगा बुलंद करें।